रामकी कंपनी पर 18 लाख की कटौती ,5 लाख का जुर्माना - rashtrmat.com

रामकी कंपनी पर 18 लाख की कटौती ,5 लाख का जुर्माना

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था मंगलवार को सफाई व्यवस्था पूरी तरह चैपट रही।कर्मचारियों की हड़ताल के चलते डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो पाया। कर्मचारियों पिछले कई महीने से अपना वेतन बढ़ाने की मांग करते आए हैं। दीपावली के पहले मिला था आश्वासन। रामकी ने सफाई कामगारों की सैलरी नहीं बढ़ाई जिससे कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। आज महापौर मीनल चैबे ने रामकी ग्रुप पर सख्ती दिखाई है। 13 जनवरी को कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 18 लाख की कटौती और 5 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

रामकी ग्रुप के साथ महापौर की बैठक।

महापौर बोली- लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय

महापौर ने अपर आयुक्त को यह भी निर्देश दिए कि अगर भविष्य में दोबारा इस तरह की लापरवाही होती है तो अनुबंध पर पुनर्विचार किया जाए। साथ ही यह स्पष्ट किया गया कि जब तक अधिकारी काम से संतुष्ट न हों, तब तक भुगतान की फाइल आगे न बढ़ाई जाए। बैठक में अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय, स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारी और रामकी कंपनी के लोकल हेड योगेश कुमार मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि रायपुर शहर की सफाई व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तय है।

नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा- निगम प्रबंधन पूरी तरह विफल।

70 वार्डों में हालात बिगड़ गए

वहीं, सफाई व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी नगर निगम और महापौर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हड़ताल की वजह से शहर के कई इलाकों में घर-घर कचरा नहीं उठा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।उन्होंने आरोप लगाया कि चार महीने में दूसरी बार रामकी कंपनी के कर्मचारियों की हड़ताल से साफ हो गया है कि निगम प्रबंधन पूरी तरह विफल है।आकाश तिवारी ने कहा कि दिवाली के समय भी कंपनी के कर्मचारियों ने हड़ताल की थी, तब वेतन विसंगति का मुद्दा सामने आया था। ड्राइवरों का वेतन तो बढ़ा, लेकिन हेल्परों का नहीं, जिससे असंतोष बना रहा।अब फिर वही स्थिति बनना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह अति आवश्यक सेवा से जुड़ा मामला है और एक दिन कचरा नहीं उठने से पूरे 70 वार्डों में हालात बिगड़ गए।

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