कलेक्टर ने बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित 12 की वेतन वृद्धि रोकी - rashtrmat.com

कलेक्टर ने बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित 12 की वेतन वृद्धि रोकी

राष्ट्रमत न्यूजबालाघाट(ब्यूरो)। कलेक्टर मृणाल मीणा ने बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की एक वेतन वृद्धि रोक दी है। वहीं एएनएम को कारण बाताओ नोटिस जारी किया है।कार्यवाही बैहर एवं बिरसा विकासखंड की खंडस्तरीय बैठक में योजनाओं की समीक्षा के दौरान की गई। कलेक्टर मीणा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश  

कार्रवाई के तहत, कुपोषित बच्चों के चिन्हांकन, इलाज और 03 से 06 वर्ष के बच्चों के शाला पूर्व शिक्षा के लिए पंजीयन में संतोषजनक प्रगति न मिलने पर परियोजना अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।साथ ही, आमगांव और गढ़ी सेक्टर की आंगनबाड़ी पर्यवेक्षक की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। बाल विकास परियोजना बिरसा के जानपुर एवं कचनारी सेक्टर में भी संतोषजनक प्रगति न पाए जाने पर वहां की पर्यवेक्षकों और बाल विकास परियोजना अधिकारी की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए गए।

ANM को कारण बताओ नोटिस 

गर्भवती माताओं के एएनसी पंजीयन और नियमित स्वास्थ्य जांच में कमी पाए जाने पर पांडुतला, माना, पाथरी, जमुनिया, झामुल की एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पशुपालन विभाग के कार्यों में मादा बछिया के गर्भाधान में बैहर एवं बिरसा में संतोषजनक प्रगति न आने पर नाराजगी व्यक्त की गई।इसके लिए जिम्मेदार एव्हीएफओ को कारण बताओ नोटिस और खंड पशु चिकित्सा अधिकारी को काम में सुधार न लाने पर हटाने की चेतावनी दी गई। फार्मर रजिस्ट्री, नक्शा तरमीम, सीमांकन और बंटवारा के प्रकरणों में सबसे कम प्रगति वाले पांडुतला, धुनधुनवार्धा, तुमड़ीभाट, गोहारा के पटवारियों को काम में सुधार न लाने पर निलंबन की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।