साहित्य भूमि Archives - Page 9 of 11 - rashtrmat.com

दूध

भूमिका द्विवेदी की कहानी दूध हमारे समाज का एक नंगा सच है।इस पर सोचना भी आसान…

 संस्कार

  आशा शैली संवेदनाओं की कहानियां लिखती हैं।उनकी कहानी संस्कार सवाल करती है। घर में बेटा…

जिम्मेदार लेखक अपनी अनुपस्थिति से भी उपस्थित रहता है – प्रो. त्रिपाठी

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। हाल ही में साहित्यकार, कवि विनोद कुमार शुक्ल, नासिर अहमद सिकंदर, अवधेश प्रीत और…

इंसान ही बेदखल हो जाए क्या यही नया दौर है

आज जब विकास को सड़कों, बिजली, कारखानों और मशीनी सुविधाओं से आँका जा रहा है, ऐसे…

तकनीकी विकास और विसंगतियों का परिप्रेक्ष्य 

विकास के नाम पर केवल काँखने – कराहने और मुँह पटकने का कोई औचित्य नहीं हो…

मृदुला गर्ग की कहानियों में परिवार के रूप

   मृदुला गर्ग की कहानियों में परिवार केवल संबंधों का समूह नहीं, बल्कि भावनाओं और संवेदनाओं…

चार लघुकथाएं

 फिल्मी पटकथा की तरह डाॅ यशोधरा भटनागर लघुकथा लिखती हैं। एक के बाद एक घटित होने…

बंदरबाँट

 कुछ लघुकथाएं सतह पर तैरते यथार्थ होते हैं। पर दोस्ती के लिए सभी नियम कायदे को…

 चाँद चाहता था,कि धरती रुक जाए

तरुण भटनागर की कहानी में एक संदेश है। किसी समाज को खत्म करना है,तो उसकी सस्कृति…

चार लघु कथाएं

शिवानी खन्ना अमीरी गरीबी,सामाजिक प्रपंच,और बुनियादी समाजिक समस्याओं से मुठभेड़ करते हुए एक विमर्श का वातावरण…