साहित्य भूमि Archives - Page 6 of 9 - rashtrmat.com

केले का ठेला

 अर्चना त्यागी केले का ठेला के जरिये बता रही हैं कि किसी की मदद के लिए सामने…

बधाई और शुभकामनाओं का राजपाठ

मुसीबत अगर जान न ले तो बधाई है,साँस चलती रहे तो शुभकामना।यहाँ ज़िंदा रहना उपलब्धि है,और…

     स्वदेशी फेंकू

इस देश में अब नेता नहीं, कथावाचक पैदा हो रहे हैं—माइक हाथ में, इतिहास जेब में…

ठिकाना

राजा सिंह की कहानी ठिकाना व्यवस्था के उस पन्ने को उघारती है जहां ऊपर से नीचे…

सूचना-यंत्र की बमबारी

सूचना-तंत्र दरअसल एक ‘साइकोलॉजिकल बूचड़खाना’ है जहाँ हर सुबह विवेक की बलि दी जाती है और…

बना रहे रिश्तों का कोलाज़

डॉ. सेवाराम त्रिपाठी बता रहे हैं आज रिश्ते टूट नहीं रहे, धीरे-धीरे घिस रहे हैं।जैसे किसी…

दूध

भूमिका द्विवेदी की कहानी दूध हमारे समाज का एक नंगा सच है।इस पर सोचना भी आसान…

 संस्कार

  आशा शैली संवेदनाओं की कहानियां लिखती हैं।उनकी कहानी संस्कार सवाल करती है। घर में बेटा…

जिम्मेदार लेखक अपनी अनुपस्थिति से भी उपस्थित रहता है – प्रो. त्रिपाठी

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। हाल ही में साहित्यकार, कवि विनोद कुमार शुक्ल, नासिर अहमद सिकंदर, अवधेश प्रीत और…

इंसान ही बेदखल हो जाए क्या यही नया दौर है

आज जब विकास को सड़कों, बिजली, कारखानों और मशीनी सुविधाओं से आँका जा रहा है, ऐसे…