राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।नगरपालिका के सभी विभागों के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था सहित अन्य नगरपालिका सेवाएं चरमरा गई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि दस तारीख से पहले वेतन नहीं मिलाता। सभी को वेतन कलेक्टर दर पर दिया जाए।

लंबित मांगों को पूरा करें
भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले मंगलवार सुबह से शुरू हुई इस हड़ताल में कर्मचारियों ने नगरपालिका प्रबंधन पर वर्षों से लंबित मांगों को पूरा न करने का आरोप लगाया। कर्मचारी नगरपालिका गेट के सामने धरने पर बैठ गए और शहर की साफ.सफाई सहित अन्य सभी कार्यों को पूरी तरह ठप कर दिया।
प्रमुख मांगों में कलेक्टर दर पर भुगतान
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कलेक्टर दर पर भुगतान, नियमितीकरण, समयमान वेतनमान, सामाजिक सुरक्षा, बीमा और पेंशन शामिल हैं। वे इन मांगों को पूरा करने की अपील कर रहे हैं।एक सफाईकर्मी महिला कविता मलिक ने बताया कि महंगाई के इस दौर में 6 से 7 हजार रुपये (कटौती के बाद) के मासिक वेतन में घर चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कलेक्टर दर से भुगतान की मांग की और कहा कि उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नगरपालिका प्रबंधन पूछने पर आदेश न आने की बात कहता है।
कर्मचारियों को 10 तारीख तक वेतन नहीं मिलता
भारतीय मजदूर संघ के विभाग प्रमुख राजकुमार मोहारे ने बताया कि अप्रैल महीने से लागू किए गए न्यूनतम दर से मानदेय का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों को ‘पेमेंट ऑफ वेजेस’ के तहत महीने की 10 तारीख तक वेतन नहीं मिलता है। इसके अलावा, कर्मचारियों को मासिक वेतन पर्ची (वाउचर) नहीं दी जा रही है और भविष्य निधि का भी कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है।

मांग पूरी नहीं होगी काम पर नहीं लौटेंगे
वहीं, नगरपालिका सीएमओ सूर्यप्रकाश उके ने बताया कि कर्मचारियों से उनकी मांगों को लेकर चर्चा जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही हड़ताल खत्म हो जाएगी और कर्मचारी अपने काम पर लौट जाएंगे।सफाई कर्मचारियों को कार्य के दौरान सेफ्टी सामग्री नहीं दी जा रही है, जिससे वह बीमारी का शिकार हो रहे है। जब भी मांगते है तो नपा से चर्चा की जाती है। नपा प्रबंधन, केवल आश्वासन देकर मांगो को टाल देता है। अब जब तक मांग पूरी नहीं होगी काम पर नहीं लौटेंगे।