रिटायर्ड IAS की हत्या,लूट या सुपारी किलिंग मर्डर कर भागा केयरटेकर - rashtrmat.com

रिटायर्ड IAS की हत्या,लूट या सुपारी किलिंग मर्डर कर भागा केयरटेकर

राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल(ब्यूरो)।राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस लूट के साथ-साथ कॉन्ट्रेक्ट किलिंग के दृष्टिकोण से भी जांच कर रही है। वारदात के बाद लाखों रुपये के जेवर, नकदी और अग्रवाल का मोबाइल फोन लेकर भागा केयरटेकर वरुण कुमार अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पंजाब के नाभा शहर का रहने वाला आरोपी वरुण घटना के बाद से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरी राजधानी को हिलाकर रख दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पूर्व प्रशासनिक अधिकारी की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है।आगरा में आरोपी का एक दोस्त रहता है, जिसके साथ वह पहले काम कर चुका है। भोपाल पुलिस ने आरोपी के दोस्त को आगरा से हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ कर रही है।

सूरज नगर स्थित इसी मकान में हत्या के बाद वरुण पैदल भदभदा पहुंचा था।

भोपाल के रातीबड़ इलाके के सूरज नगर में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी केयर टेकर वरुण कुमार के भागने का पूरा रूट ट्रेस कर लिया है।वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रात के अंधेरे में ही ट्रेन पकड़कर फरार हो गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की दर्जनभर टीमें तैनात की गई हैं।

मदद से दरवाजा खोला गया

पुलिस जांच के अनुसार, 30 सितंबर की रात रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल अपने कमरे में सो रहे थे। रात करीब 12:30 से 2:00 बजे के बीच आरोपी ने धारदार हथियार से उनका गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने या घर को नुकसान पहुंचाने के इरादे से रसोई के गैस सिलेंडर का पाइप निकाल दिया और आग लगाने का प्रयास किया।मृतक की पत्नी निशी अग्रवाल का कमरा बाहर से बंद था। सुबह करीब 4:40 बजे जब उनकी नींद खुली तो दरवाजा बाहर से लॉक मिला। घर के कर्मचारी अमर की मदद से दरवाजा खोला गया, तब जाकर घटना का खुलासा हुआ।

2 किलोमीटर पैदल चलने के बाद

करीब 2 किलोमीटर पैदल चलने के बाद वह भदभदा चौराहा पहुंचा और वहां से एक ऑटोरिक्शा लिया।भोपाल रेलवे स्टेशन: ऑटो पॉलीटेक्निक चौराहा और कमला पार्क होते हुए भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर गया। स्टेशन से कुछ दूर पहले उतरकर वह पैदल भोपाल जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 से होकर प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर पहुंचा।रात 3:30 बजे: वह दिल्ली लाइन की ट्रेन में सवार होकर निकल गया। पुलिस अब झांसी, ग्वालियर और आगरा रूट के स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाल रही है।

वरुण का कैरेक्टर सर्टिफिकेट भी सामने आया है। इसे पंजाब के पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी किया गया।

पुलिस वेरिफिकेशन करवाया था या नहीं

जांच में सामने आया है कि आरोपी को ‘वर्मा होम हेल्थ केयर’ एजेंसी (बाग सेवनिया, विश्वकर्मा नगर) के जरिए नौकरी पर रखा गया था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि एजेंसी ने उसका अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन करवाया था या नहीं। यदि नियमों की अनदेखी पाई गई तो एजेंसी संचालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।वहीं आरोपी का पंजाब के पटियाला एसपी कार्यालय से 1 मई 2025 को जारी एक चरित्र प्रमाण पत्र भी सामने आया है। पंजाब पुलिस से भी उसके पुराने बैकग्राउंड की जानकारी मांगी गई है।

आगरा से हिरासत में ले लिया है

पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि मंगलवार रात हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वरुण सबसे पहले बीना पहुंचा और फिर वहां से उत्तर प्रदेश के आगरा चला गया। बीना में उसने कुछ देर के लिए सेवानिवृत्त आईएएस अफसर का मोबाइल फोन चालू किया था, जिसे थोड़ी देर बाद उसने फिर बंद कर दिया। आगरा में आरोपी का एक दोस्त रहता है, जिसके साथ वह पहले काम कर चुका है। भोपाल पुलिस ने आरोपी के दोस्त को आगरा से हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ कर रही है।

आर्थिक लेन-देन की भी जानकारी आई

पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी घर से कीमती सामान और नकदी लेकर भागा है। इसके साथ ही, मृतक राकेश अग्रवाल के कुछ लोगों के साथ हुए आर्थिक लेन-देन की भी जानकारी सामने आई है।फिलहाल, पुलिस हत्या के मुख्य कारणों का पता लगाने के लिए लूट, लेन-देन और आरोपी के संपर्कों को जोड़कर कड़ियां मिला रही है।

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