राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(जगला से रफीक अंसारी)। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बिरसा ब्लाक के जगला गांव में बैगा आदिवासियों से मुलाकात की।कुपोषण और मलेरिया की वजह से यहां दर्जनों बच्चों की मौत हो गयी थी। उन्होंने मृत बच्चों के परिवार से मुलाकात कर सच्चाई को जाना और समझा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार 24 घंटे विकास की केवल बात करती है जबकि 24 घंटे भ्रष्टाचार करती है। यही वजह है कि यहां स्वास्थ्य व्यवस्था भ्रष्टाचार की शिकार है।जब आदिवासी परिवार को सरकार की जरूरत थी तब वो उनके साथ नहीं थी। आदिवासी परिवार के बच्चों की मौत का मामला लोकसभा में उठाएंगे।

लाड़ली बहना का लाभ नहीं मिल रहा
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आदिवासी महिलाओं ने बताया कि लाड़ली बहना का पैसा नहीं मिलता है।राहुल गांधी ने गुरुवार को बालाघाट के बिरसा ब्लॉक के जगला गांव में बैगा आदिवासियों से मुलाकात की। यहां वे करीब एक घंटे रुके और बीमारी से जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों से भी मिले। राहुल से मिलने आसपास के गांवों से करीब डेढ़ हजार लोग पहुंचे। इससे पहले उन्होंने माटे प्राथमिक शासकीय स्कूल में बच्चों से मिड डे मील के बारे में जाना।
जरूरत के समय सरकार खड़ी नहीं दिखी
राहुल गांधी ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार रात दिन सिर्फ विकास की बातें करती है,जबकि भ्रष्टाचार भी चौबीसों घंटे चल रहा है। उन्होंने कहा कि जरूरत के समय आदिवासी परिवारों के साथ सरकार खड़ी नजर नहीं आई।राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों की जमीन, मनरेगा, वन अधिकार कानून और जमीन के अधिकारों से जुड़े मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। राहुल ने कहा कि उन्हें अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।


आधे से ज्यादा लोगों को मुआवजा तक नहीं मिला
राहुल गांधी ने कहा कि बीमारी और कुपोषण से कई बच्चों की मौत हुई लेकिन सरकार की और उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला। आधे से ज्यादा लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया। हैरानी होती है कि गांव में स्कूल.अस्पताल की सुविधाएं नहीं हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर हर पांचवा व्यक्ति आदिवासी है।

सरकार आदिवासियों की अनदेखी कर रही
राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी महिलाओं को लाड़ली बहना योजना का पैसा नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से आदिवासी क्षेत्रों में अस्पताल,बिजली और पानी की सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात की। मध्य प्रदेश की आबादी में आदिवासियों की हिस्सेदारी 21.1ःफीसदी है। यानी हर पांचवां व्यक्ति आदिवासी है। फिर भी सरकार प्रदेश में आदिवासियों की अनदेखी कर रही है। इसका असर चुनाव में भी दिखता है। विधानसभा की 230 सीटों में 47 सीटें एसटी की है। आरक्षित हैं जबकि 37 अन्य सीटों पर भी आदिवासी वोट अहम माना जाता है। यानी कुल 84 सीटों पर इसका असर है। लोकसभा की 29 सीटों म छह सीटें एसटी के लिए आरक्षित है।

जमीन के अधिकार अनसुलझे हैं
राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासियों की जमीन, मनरेगा, वन अधिकार कानून और जमीन के अधिकारों से जुड़े मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। उन्होंने सरकार से अपनी जिम्मेदारी निभाने और आदिवासियों को उनका हक दिलाने की अपील की। राहुल ने कहा कि उन्हें अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी परिवारों की जमीन का मुद्दा है, लेकिन उन्हें मुआवजा तक नहीं मिला। उन्होंने सरकार से अपनी जिम्मेदारी पूरी करने और कम से कम परिवारों को जमीन का पट्टा देने की मांग की।