राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। अध्यापक शिक्षक संवर्ग की लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ जिला बालाघाट के बैनर तले एक दिवसीय उपवास, धरना एवं शिक्षक अधिकार सम्मान रैली का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष आशीष बिसेन के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।
ध्यान लंबित मांगों की ओर
रैली के बाद संघ पदाधिकारियों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ के जिला अध्यक्ष आशीष बिसेन एवं जिला सचिव एमन्त ठाकरे ने संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अध्यापक शिक्षक संवर्ग के अधिकारों और सम्मान को लेकर सरकार द्वारा लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। इसी के विरोध में प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ उपवास, धरना एवं रैली के माध्यम से शासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया गया।
नगदीकरण का लाभ देने की मांग
शिक्षकों ने वर्तमान में सेवारत शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त रखने की मांग की। इसके साथ ही पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने तथा अध्यापक शिक्षक संवर्ग की प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना कर पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाशों के नगदीकरण का लाभ देने की मांग उठाई गई। संघ ने अव्यवहारिक ई-अटेंडेंस व्यवस्था को बंद करने, सितंबर 2022 की हड़ताल अवधि का लंबित वेतन भुगतान करने तथा लंबित क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के आदेश जारी करने की मांग भी रखी। इसके अलावा जबलपुर संभाग में पदोन्नति प्राप्त उच्च माध्यमिक शिक्षकों के द्वितीय क्रमोन्नति के आदेश जारी करवाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
27 से भोपाल में आमरण अनशन
कार्यक्रम में संघ के प्रांतीय महासचिव अरविन्द पारधी, प्रांतीय सचिव कमलनाथ पाराशर, प्रांतीय उपाध्यक्ष कुलदीप कटरे सहित जिला पदाधिकारी, विभिन्न ब्लॉकों के संगठन पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। संघ पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में शामिल शिक्षक समुदाय का आभार व्यक्त करते हुए आगामी आंदोलन की जानकारी भी दी। उन्होंने शिक्षकों से 27 सितंबर से भोपाल में शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित किए जाने वाले आमरण अनशन कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की।