आदिवासी आज भी अपने हक से वंचित है,समाज ने चिंता जताई - rashtrmat.com

आदिवासी आज भी अपने हक से वंचित है,समाज ने चिंता जताई

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट जिले में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर परप्रतिनिधियों ने खुशी के साथ-साथ अपनी नाराजगी भी जताई।  जिला अध्यक्ष दिनेश धुर्वे का आरोप है कि आदिवासियों पर अत्याचार लगातार जारी हैं और सरकार आदिवासी क्षेत्रों की वन एवं खनिज संपदा को उनसे छीनकर पूंजीपतियों के हाथों में सौंपना चाहती है।

मंच पर मौजूद आदिवासी प्रतिनिधि।

तीर-कमान का भी प्रदर्शन किया

आदिवासी समाज ने गोंगो पूजन के बाद नगर में एक रैली निकाली। रैली में आदिवासी समाज के लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए, जहां आदिवासी संस्कृति, परिधान और नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे। युवाओं ने अपने पारंपरिक तीर-कमान का भी प्रदर्शन किया।

एक मंचीय कार्यक्रम का आयोजन

वीरांगना रानी दुर्गावती सामुदायिक भवन से शुरू हुई यह अधिकार रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी और उत्कृष्ट विद्यालय सभागार पहुंची। सभागार में एक मंचीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आदिवासी प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।संयुक्त राष्ट्रसंघ की घोषणा के अनुसार, आदिवासियों की विशिष्ट जीवन शैली और उनके महत्व को बनाए रखने के उद्देश्य से हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है।

आदिवासी पिछड़ापन का शिकार है

आदिवासी प्रतिनिधियों ने इस अवसर पर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।उन्होंने कहा कि जिले का आदिवासी समाज विश्व आदिवासी दिवस को एक पर्व के रूप में मनाता आ रहा है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के इतने वर्षों बाद और बड़े राजनीतिक दलों की सरकारों के बावजूद प्रदेश व जिले के आदिवासी आज भी मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाए हैं। उनके उत्थान और विकास की योजनाएं अधिकतर कागजों तक ही सीमित हैं, जिससे समाज आज भी वंचित और पिछड़ापन का शिकार है।