दो और राइस मिलर्स गिरफ्तार, 12.60 करोड़ की हेराफेरी की जांच तेज - rashtrmat.com

दो और राइस मिलर्स गिरफ्तार, 12.60 करोड़ की हेराफेरी की जांच तेज

 राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। एफसीआई के सरकारी गोदामों से एथेनॉल प्लांट भेजे जाने वाले चावल की कथित हेराफेरी के मामले में एसआईटी की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल ने सोमवार को गोंदिया के दो राइस मिलर्स को गिरफ्तार कर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अब तक इस प्रकरण में कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों से पूछताछ और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
रास्ते में ही हेराफेरी की
 जांच में सामने आया है कि बालाघाट के नवेगांव (कोसमी) एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा स्थित एथेनॉल प्लांट के लिए भेजे गए 54,590 क्विंटल) सरकारी चावल को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही हेराफेरी कर विभिन्न राइस मिलों में खपा दिया गया। इस चावल की अनुमानित कीमत करीब 12.60 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
परिवहन दस्तावेजों की जांच
 एसआईटी के अनुसार, यह मामला केवल बालाघाट तक सीमित नहीं है। प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों से लगभग 17 हजार मीट्रिक टन सरकारी चावल एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया था। बालाघाट के मामले का खुलासा होने के बाद अब शेष लगभग 11 हजार मीट्रिक टन चावल की भी गहन जांच की जा रही है। इसके लिए सिवनी, छिंदवाड़ा, कटनी, शहडोल सहित अन्य जिलों के रिकॉर्ड और परिवहन दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
दोनों के पास तीन राइस मिल
  सोमवार को एसआईटी ने गोंदिया निवासी युगल खंडेलवाल और किशनलाल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों के पास तीन राइस मिल हैं और इन्होंने कथित रूप से एथेनॉल प्लांट के लिए जारी करीब 4,000 क्विंटल सरकारी चावल खरीदा था, जिसकी कीमत लगभग 3.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। एफसीआई अधिकारियों, राइस मिलर्स, बिचौलियों के साथ-साथ परिवहन व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।