विजय की सरकार गिराने 35 करोड़ का ऑफर और 15 विधायकों का इस्तीफा. - rashtrmat.com

विजय की सरकार गिराने 35 करोड़ का ऑफर और 15 विधायकों का इस्तीफा.

राष्ट्रमत न्यूज नई दिल्ली/चैन्नई(ब्यूरो)। तमिलनाडु की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाले टीवीके विधायक ने दावा किया है कि उन्हें सदन अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तावित विधानसभा प्रस्ताव पर अपना वोट प्रभावित करने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी।

15 विधायकों के एक साथ इस्तीफे की साजिश

दरअसल, टीवीके विधायक एन. इलैयाराजा की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक कंसल्टेंसी फर्म के कर्मचारी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार डीएमके नेता सेंथिल बालाजी और उनके भाई वी अशोक कुमार से जुड़े बताए जा रहे हैं।एक चैनल के हवाले से बताया गया कि इस साजिश में टीवीके के 15 विधायकों के एक साथ इस्तीफे की साजिश रचकर सरकार को गिराने की योजना शामिल थी।

तीन लोग गिरफ्तार

टीवीके विधायक की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने जांच शुरू की और एक कंसल्टेंसी फर्म के कर्मचारी को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान, अधिकारियों को डीएमके विधायक सेंथिल बालाजी से संबंध होने की खबर मिली। इसके बाद दो और लोगों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है।  जांच के दौरान इन तीनों के DMK विधायक सेंथिल बालाजी से संबंध होने की जानकारी मिली है।

35 करोड़ रुपये की पेशकश की थी

न. इलायाराजा द्वारा चेन्नई पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि आईपीडीएस नामक परामर्श फर्म के एक व्यक्ति ने उन्हें तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर (जो टीवीके नेता हैं) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए 35 करोड़ रुपये की पेशकश की थी।

पुलिस को दर्ज कराई शिकायत

29 जून को विधायक इलैयाराजा द्वारा चेन्नई पुलिस आयुक्त के पास दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, थिरुनावुक्करासु नामक एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और दावा किया कि वह इंडियन पॉलिटिकल डेमोक्रेटिक स्ट्रैटेजीज (आईपीडीएस) नामक एक जनमत सर्वेक्षण संगठन का प्रमुख है और वह एक प्रमुख राजनीतिक दल के सदस्यों की ओर से लोगों से संपर्क कर रहा है।

विशेष तरीके से मतदान करने को कहा

फोन करने वाले ने टीवीके विधायक इलैयाराजा को बताया कि तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ एक प्रस्ताव लाया जाएगा और उनसे सत्तारूढ़ दल का सदस्य होने के बावजूद एक विशेष तरीके से मतदान करने को कहा। इसके बदले में, उसने  इलैयाराजा को 35 करोड़ रुपये तक की पेशकश की।विधायक ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया और फोन करने वाले को दोबारा संपर्क न करने के लिए कहा।