जिला पंचायत के 22 सदस्यों ने CEO के खिलाफ आस्तीन चढ़ा ली - rashtrmat.com

जिला पंचायत के 22 सदस्यों ने CEO के खिलाफ आस्तीन चढ़ा ली

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिला पंचायत बालाघाट में मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक सराफ के खिलाफ जिला पंचायत के 27 में से 22 सदस्यों ने अपनी आस्तीन चढ़ा ली है। मुख्यमंत्री से शिकायत की जाएगी। जिला पंचायत के 22 सदस्य उन्हें पद से हटाने की मांग पर अड़ गए हैं। उनकी कार्यशैली और व्यवहार से सभी नाराज हैं।उनके खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन करने मन बना लिया है। 19 जून को हुई बैठक में अंसतोष का लावा अब बढ़ गया है।


CEO पर अपमान करने का आरोप
जिला पंचायत सदस्यों का आरोप है कि 19 जून को हुई बैठक में उन्होंने विकास कार्यों योजनाओं के क्रियान्वयन और वित्तीय मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए थे। लेकिन जवाब देने के बजाय सीईओ अभिषेक सराफ बैठक बीच में छोड़कर चले गए। जनप्रतिनिधियों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था और निर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। सदस्यों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि सीईओ का रवैया लंबे समय से जनप्रतिनिधियों के प्रति उपेक्षापूर्ण और मनमाना रहा है।
डीएमएफ फंड में घोटाला
सीईओ अभिषेक सराफ पर जिला खनिज प्रतिष्ठान डीएमएफ फंड के उपयोग में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। सदस्यों का दावा है कि करोड़ों रुपये के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कई मामलों में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं। इन कथित मामलों में प्रभारी एसडीओ शिव भास्कर की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। आरोप है कि वर्षों से एक ही स्थान पर जमे रहने के कारण उन्होंने पूरे तंत्र पर प्रभाव स्थापित कर लिया है और डीएमएफ से जुड़े कई निर्णयों में उनकी अहम भूमिका रही है।
चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री स्तर पर उनकी शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होती है तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। इसके तहत धरना.प्रदर्शन से लेकर बड़े जनआंदोलन तक की रणनीति बनाई जा सकती है। सदस्यों ने शासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि उनकी मांगों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हालांकि सीईओ अभिषेक सराफ और प्रभारी एसडीओ शिव भास्कर के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों पर उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। फिलहाल जिला पंचायत में मचे इस सियासी और प्रशासनिक घमासान ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।