राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। ग्राम पंचेरा स्थित वन क्षेत्र में एक तेंदुआ मृत अवस्था में पाया गया। वन विभाग के बीट गार्ड एवं चैकीदार ने नियमित भ्रमण के दौरान सुबह करीब 7 बजे तेंदुए का शव जंगल में देखा। उसने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम मौके पर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की।

तेंदुए की मृत्यु भूख प्यास के कारण
पशु चिकित्सक डॉ. पूजा धुर्वे और डॉ. अरविंद नागेश्वर की टीम ने मृत मादा तेंदुए का पोस्टमार्टम किया। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया कि तेंदुए के शरीर में पानी की भारी कमी थी और उसकी मौत भूख, प्यास व अत्यधिक गर्मी के कारण हुई है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में क्षेत्र में भीषण गर्मी है।जिसके चलते वन्यजीवों को भोजन और पानी की उपलब्धता में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की शिकार अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
बीमारी की जांच के लिए भेजे गए सैंपल
पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक घनश्याम परते ने बताया कि जंगली जानवरों में फैलने वाली खतरनाक बीमारी ‘कैनाइन डिस्टेंपर’ पर भी नजर रखी जा रही है, इसलिए इसके टेस्ट के लिए सैंपल इकट्ठे किए गए हैं।पोस्टमार्टम के उपरांत वन विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त उपस्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तेंदुए के शव का अंतिम संस्कार शवदाह किया गया। इस दौरान तहसीलदार मंजूला महोबिया सहित वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी.कर्मचारी उपस्थित रहे। तेदुेआ कल मृत मिला था।वन अधिकारी गोस्वामी ने दावा किया है कि वे जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं और जंगलों में बने पानी के स्रोतों को भरने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।