राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। नई दिल्ली को रीवा का अल्ट्रा मेगा सोलर प्लांट 24 फीसदी बिजली देता है। दिल्ली के पूरे दिन का मेट्रो संचालन का लगभग 60 फीसदी हिस्सा कवर करता है। बावजूद इसके रीवा में कल रात चार घंटे बिजली गोल रही। बगैर किसी कारण के।रात ढाई बजे बादल गरजने लगे।उसके बाद से रीवा की लाइट चली गयी।शहर अंधेरे में चला गया।45 डिग्री तापमान के समय दिन भर लाइट गोल रहती है। बावजूद इसके डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला 16 साल में भी रीवा की बिजली व्यवस्था का दुरस्त नहीं कर पाए।उनके घर का घेराव भी पिछले साल लोगों ने किया था।
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फिर घेराव होगा शुक्ला का घर
डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ला का रीवा जिला कब अंधेर में चला जाएगा स्वयं उन्हें भी पता नहीं। जबकि पिछले 16 सालों से राजेन्द्र शुक्ला रीवा की बिजली व्यवस्था को दुरस्त करा रहे हैं। ऊर्जा मंत्री थे तब भी रीवा अंधेरे में रहता था। पिछले साल रात भर बिजली गोल रही। लोग उनके घर का घेराव कर विरोध जताया था। इस साल भी यही स्थिति निर्मित हो रही है। कल रात कई वार्डो में पूरी रात बिजली नहीं रही। ढेकहा, अमहिया, पड़रा,समाान, बिछिया,विश्वविद्यालय रोड,सुन्दर नगर आदि स्थानो में बिजली नहीं थी। हैरानी वाली बात है कि बिजल कंट्रोल रूम में कोई फोन नहीं उठाता।
पूरी रात बिजली नहीं आयी
रीवा शहर में गुरुवार की रात बिजली ठप रही। ऐसा क्यों हुआ इसका जवाब संबंधित अधिकारी दिये नहीं।हैरानी होती है कि 44 डिग्री तापमान और नौतपा की भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पांडेय के बंगले और उनके मोहल्ले में रात 10 बजे से गई लाइट पूरी रात नहीं आई।एक बार फिर लोग डिप्टी सीएम के घर का घेराव करने का मन बनाया। लेकिन किसी ने कहा कि आज रीवा में नहीं हैं। लेाग इरादा बदल दिये।

बार बार ड्रिप होती है बिजली
रीवा में पिछले 16 साल से केबिल लग रहा हैं। बावजूद इसके जरा सी हवा तेज चली बिजली गुल कर दी जाती है। अक्सर बिजली वाले कहते है फला वार्ड में केबिल जल गया है।ट्रांसफार्मर में आग लग गयी है। सवाल यह है कि ऊर्जा मंत्री रहने के दौरान राजेन्द्र शुक्ला किस कंपनी का घटिया ट्रांसफार्मर खरीदी किये थे। लोड नहीं उठा पाता है। डिप्टी सीएम अपने हर भाषण में यही कहते हैं कि रीवा में बिजली की कमी नही है। दिल्ली को बिजली बेचते हैं। 24 फीसदी बिजली रीवा से दिल्ली को दी जाती है। 750 मेगावाट की बिजली सोलर प्लांट गुढ़ में बनती है। ऐसी स्थिति में फिर रीवा 45 डिग्री के तापमान में अंधेर में क्यों रहता है। दिन में बार बार बिजली क्यों चली जाती है।

MPEB के दफ्तर में ताला
सुबह किसी तरह शहरवासियों को पानी नलों से मात्र पन्द्रह से बीस मिनट मिलता है। शाम को वह भी नहीं।आज सुबह तक पानी की मोटरें न चलने से शहर के कई मोहल्लों में जल आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हुई।बगैर किसी सूचना के बिजली क्यों गोल रहती है,संबंधित अधिकारी हेल्पलाइन नंबर पर भी जवाब नहीं दिये। जेई का मोबाइल स्विच आफ मिला। एमपीईबी के दफ्तर में ताला लगा मिला।कोई भी अधिकारी और कर्मचारी दफ्तर में नहीं मिले। सवाल यह है कि डिप्टी सीएम के रिश्तेदार आखिर किस बात की सेलरी ले रहे हैं।ढेकहा निवासी अरविंद तिवारी ने कहा कि नौतपा में बिजली की कटौती जानलेवा है। डिप्टी सीएम इस ओर ध्यान क्यों नहीं देते।बिजली,पानी दोनों भीषण गर्मी में नहीं मिलना बताता है कि डिप्टी सीएम सिर्फ कंक्रीट का विकास किये हैं,बुनियादी जरूरतों का नहीं।