राष्ट्रमतन्यूज,बीजापुर (ब्यूरो)। केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने के बावजूद बस्तर लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद महेश कश्यप द्वारा बीजापुर के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के कार्यपालन अभियंता (EE) को हटाने की मांग अब तक पूरी नहीं होने से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि सांसद ने विभाग के शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिखकर बीजापुर PMGSY के EE पर अवैध उगाही और अनियमितताओं के आरोपों का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन करीब 8 महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

मंत्री अपनी मनमर्जी पर उतर आए
अब इस मामले में कई राजनीतिक सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या प्रदेश सरकार अपने ही सांसद को निष्क्रिय समझकर उनकी मांग को ठुकरा रही है? या फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री अपनी मनमर्जी पर उतर आए हैं, जहां जनप्रतिनिधियों की मांगों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है? जब सत्ताधारी दल के सांसद की अनुशंसा पर भी कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम जनता और ठेकेदारों की शिकायतों पर कितनी गंभीरता दिखाई जाती होगी, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
दबाव बनाने की भी शिकायत
बीजापुर PMGSY के कार्यपालन अभियंता नवीन टोंडे और बस्तर संभाग के SE रात्रे पर लंबे समय से ठेकेदारों द्वारा अवैध कमीशनखोरी के आरोप लगाए जाते रहे हैं। ठेकेदारों का आरोप है कि मनमाना कमीशन दिए बिना फाइलें आगे नहीं बढ़तीं, सड़क निर्माण कार्यों के भुगतान रोके जाते हैं, और भुगतान के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर कटवाए जाते हैं। इतना ही नहीं, सड़कों की जांच, कार्य निरस्त करने और तकनीकी आपत्तियों के जरिए दबाव बनाने की भी शिकायतें सामने आई हैं।

लंबे समय तक कार्रवाई नहीं
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सांसद स्तर से शिकायत पत्र में अधिकारी पर अवैध पैसे लेने व ठेकेदारों को परेशान करने के आरोपो के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मामले में जल्द स्पष्टता नहीं आई तो विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विभाग जांच कर कोई ठोस कदम उठाता है या मामला यूं ही फाइलों में दबा रह जाएगा।
पत्रकारों पर फर्जी FIR करवाने दबाव
कथित कमीशन खोरी में लिप्त बीजापुर PMGSY के अधिकारी खबरों से बौखलाये एंव ठेकेदारों को फोंन करके कहा कि पत्रकारों पर फर्जी एफआईआर कराओ तभी जल्दी भुगतान होगा नही सड़को में जांच बिठा दिया जाएगा एंव सड़को को निरस्त कर दिया जाएगा भुगतान के लिए चक्कर लगाते रह जाओगे