राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। तिरोड़ी थाने के पौनिया गांव के रहने वाले नितेश परते ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 19 फरवरी से लेकर 21 फरवरी तक उन्हें ग्राम बोलडोंगरी के 55 वर्षीय अशोक पंद्रे के लापता होने पर उसकी हत्या का जुर्म स्वीकार करने का दबाव बनाने उनकी और उनके ममेरे भाइयों की बेहरमी से पिटाई की। पुलिस तीन दिनों तक हिरासत में रखी।

गुमशुदगी की रिपोर्ट
ग्राम बोलडोंगरी निवासी 55 वर्षीय अशोक पंद्रे 9 फरवरी से लापता है। वह एक आरामील में काम करता था। अशोक जब भी शराब पीता अचानक लापता हो जाता था। आरामिल का मालिक का आरोप है कि अशोक के बेटों ने हत्या की है। अशोक के बेटों ने पिता की पतासाजी शुरू की। लेकिन पता नहीं चला। 17 फरवरी को अशोक पंद्रे का परिवार तिरोड़ी थाना में अशोक के गुमशुदगी की रिपोर्ट की।
हत्या करने का दबाव बनाया पुलिस
इसी बीच में तिरोड़ी थाना क्षेत्र के पौनिया गांव में पैरे के ढेर में शव के जलने की सूचना पुलिस को मिलती है। इस घटना पर पुलिस अशोक के भांजे नितेश परते दिलीप पंद्रे और पड़ोसी विकास कोकोटे को पूछताछ के दौरान मारपीट करती है।इनका आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाया कि वो स्वीकार लेें कि हत्या उन्होंने की है। इस मामले पर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि बालाघाट पुलिस निरंकुश हो गई है।पुलिस ने गिरफ्तार किया है तो उसे 24 घंटे के अंदर कोर्ट में पेश करना चाहिए था।लेकिन 36 घंटे तक हिरासत में रखी।और थर्ड डिग्री देती रही। पुलिस ने एक मार्च को डीएनए टेस्ट के लिए ब्लड लिया। यही काम पुलिस पहले भी कर सकती थी। पीड़ितों ने मीडिया के समक्ष बात रखकर न्याय की गुहार लगाई है।