नक्सली राजनीति में आएं,जनता की आवाज बनें विजय शर्मा - rashtrmat.com

नक्सली राजनीति में आएं,जनता की आवाज बनें विजय शर्मा

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सरेंडर करने वाले नक्सलियों से कहा कि वो राजनीति में आएं कोई एतराज नहीं है। साथ ही जो नक्सली अभी तक सरेंडर नहीं किये हैं वो भी मुख्यधारा में लौट आएं।वैसे भी देश में नक्सलवाद खात्मे से पहले कई इनामी नक्सली सरेंडर करने के बाद चुनाव लड़कर विधायक और सांसद बने हैं। यह अलग बात है कि अभी तक सरेंडर करने वाला कोई नक्सली मंत्री नहीं बनाया गया।

नक्सली जनता की आवाज बनें

डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा ने बड़ा बयान देते हुए सरेंडर करने वाले नक्सलियों को राजनीति में आने का खुला निमंत्रण दिया है। गृहमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सली जनता की आवाज बन सकते हैं। इसमें किसी को कोई गुरेज या परहेज नहीं है। डिप्टी सीएम ने कहा कि यदि आत्मसमर्पित नक्सली अपनी विचारधारा के अनुरूप और संविधान के दायरे में रहकर जनता की सेवा करना चाहते हैंए तो उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का पूरा अधिकार है।

Vijay Sharma Latest Statement: अब राजनीति में आएंगे आत्मसमर्पित नक्सली? डिप्टी सीएम शर्मा बोले- हमें कोई परहेज नहीं है, सक्रिय नक्सलियों से एक बार फिर की ये बड़ी अपील

  नक्सलियों से लौटने की अपील

उन्होंने बस्तर संभाग में अभी भी सक्रिय नक्सलियों से पुनः आत्मसमर्पण की अपील की। गृहमंत्री ने कहा कि सरकार पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को सुरक्षाए पुनर्वास और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। जो लोग अब भी जंगलों में सक्रिय हैंए वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें।

शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे
गौरतलब है कि शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के 120 सरेंडर नक्सलियों ने  विधानसभा की कार्यवाही देखी। इनमें 1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश और झीरम हमले का मास्टरमांड चैतू भी कार्यवाही देखने पहुंचा था। इससे पहले गुरुवार रात ये सभी नक्सली डिप्टी सीएम विजय शर्मा के निवास पर डिनर के लिए पहुंचे थे।

1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश और झीरम हमले में शामिल रहा सरेंडर नक्सली चैतू भी विधानसभा पहुंचे थे।
1 करोड़ का इनामी पूर्व नक्सली रुपेश और झीरम हमले में शामिल रहा सरेंडर नक्सली चैतू भी विधानसभा पहुंचे थे।

नक्सलियों के साथ फोटो खिंचवाई

वहीं, सदन में आज सत्ता पक्ष के विधायकों ने किसानों की ट्रेनिंग में खर्च, परीक्षा में नकल के मुद्दे पर अपने ही सरकार से जवाब मांगा। इसके साथ ही विपक्ष ने विकास कार्यों की स्वीकृति मांगी। वित्त मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने हंगामा किया। सदन के बाहर मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायकों ने सरेंडर नक्सलियों के साथ फोटो खिंचवाई।