राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर (ब्यूरो)। कांग्रेस के नेता और पूर्व मंत्री कवासी लखमा को 15 जनवरी को ईडी ने मनी लाॅड्रिग मामले में गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले में जेल में बंद कवासी लखमा 379 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए हैं। कार्यकर्ताओं के संग गाड़ी में सवार होकर निकले। सड़क पर लम्बा जाम लग गया। उनकी पत्नी ने कहा उनकी रिहाई को सोच सोच कर दुबली हो गयी। लखमा के जेल से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं.नेताओं ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन से गले मिले। फिर लखमा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

खाना-पीना कम हो गया था
कवासी गाड़ी पर सवार होकर निकले। गाड़ी में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी सवार रहे। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया। जेल से निकलकर वे अपने आवास के लिए रवाना हुए। इस बीच कवासी लखमा की पत्नी बुधरी ने कहा कि पति की रिहाई कब होगी सोच-सोच कर वे दुबली-पतली हो गईं। खाना-पीना कम हो गया था। आज अच्छा लग रहा है।
लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा
दरअसल, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से जुड़े मामलों में उनकी अंतरिम जमानत मंजूर की गई है।हालांकि, जमानत की शर्तों के तहत लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान वे छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा।