राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)।बालाघाट जिले के अति संवेदनशील गांव पितकोना में हाकफोर्स कैंप में तैनात एक एएसआई को आदिवासी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने का आरोप है। महिला के पति ने रंगे हाथ पकडा है। लेकिन पुलिस से जुड़ा मामला होने के कारण अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।

संदिग्ध अवस्था में पकड़े गए
दरअसल घटना 12 जनवरी की रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। उस समय गांव में नाचा कार्यक्रम चल रहा था और लगभग पूरा गांव उत्सव में शामिल था। इसी बीच अंधेरे का फायदा उठाकर हाकफोर्स कैंप में पदस्थ एएसआई अखिलेश तोमर कथित तौर पर महिला के घर में आपत्तिजनक स्थिति में पकडे़ गये। महिला के पति का आरोप है कि उसने अपनी पत्नी और एएसआई को संदिग्ध स्थिति में देखा है। जिसके बाद दोनों के साथ मारपीट भी हुई। घटना की जानकारी गांव और समाज के लोगों को दी गई। लेकिन पुलिस की वर्दी का डर इतना हावी है कि कोई खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है।
औपचारिक शिकायत नहीं हुई
यह मामला विभाग के उच्चाधिकारी तक पहुंचा गया है। लेकिन अब तक न कोई जांच की गयी और न ही पूछताछ। समाज के प्रभावशाली लोगों को सूचना देने के बाद बैठक में फैसला करने की बात कहकर मामला टाल दिया गया। गांव के पूर्व सरपंच चंदनसिंह उईके और वर्तमान सरपंच फूलसिंह मरावी ने भी स्वीकार किया कि इस घटना को लेकर गांव में चर्चाएं जोरों पर हैं, लेकिन कोई औपचारिक शिकायत नहीं हो पाई है।
वर्दी का भय न्याय पर भारी
स्थानीय लोगों ने यह भी याद दिलाया कि मोतिनाला थाना क्षेत्र में पूर्व में हाकफोर्स के एक इंस्पेक्टर पर युवती से अवैध संबंध,गर्भपात और भारी रकम देकर मामला दबाने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। उस मामले में भी न जांच हुई, न सच्चाई सामने आई। क्या आदिवासी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बल स्थानीय महिलाओं की असुरक्षा का कारण बनते जा रहे हैं। क्या आदिवासी इलाकों में वर्दी का भय, न्याय पर भारी पड़ रहा है।