BJP सरकार जंगल कटवा रही,पर्यावरण पर घड़ियाली आंसू बहा रहे भागवत - rashtrmat.com

BJP सरकार जंगल कटवा रही,पर्यावरण पर घड़ियाली आंसू बहा रहे भागवत

राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने युवाओ में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति और युवा पीढ़ी नशेड़ी हो रहे है उसके लिये चिंता जाहिर किया। पर्यावरण को लेकर घडियाली आंसू बहा रहे है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि संघ प्रमुख की चिंता अनेको सवाल खड़ा करती है। मोहन भागवत जी सिर्फ चिंता करने से कुछ नहीं होगा। देश के अधिसंख्यक राज्यों में संघ के अनुषांगिक संगठन भाजपा की सरकारे है। केन्द्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में यदि बांग्लादेश, पाकिस्तान से नशा पहुंच रहा है, सुखे नशे का कारोबार छत्तीसगढ़ के गली, महोल्ले में हो रहा है, तो कहीं न कहीं आपके दल की सरकारें की विफलता है।   केन्द्र सरकार और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से इस संबध में सवाल करना चाहिये। सवाल करेंगे तब युवा नशे से बचेंगे, तब सिर्फ चिंता जाहिर करेंगे और गोष्ठी में भाषण देगें, उससे कुछ नहीं होगा।
रोकने सख्त कदम उठाए
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के 24 महीने के कार्यकाल में प्रदेश में ड्रग्स, अफीम, गांजा, हीरोइन, नकली शराब, अवैध शराब बिना रोक-टोक के गली-गली में बिक रहा है, हर चौक चौराहा में नशीली वस्तु बेचने वालों का गैंग है, जिसके चलते प्रदेश में आपराधिक घटनाएं भी बड़ी है। प्रदेश में नशेड़ियों का जमवाड़ा हो गया है। सूर्यास्त होने के बाद जिस प्रकार से नशाखोरी हो रहा है, हर वर्ग नशा की ओर आकर्षित हो रहा है, इसकी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की है। यह सरकार की असफलता है। यह बेहद चिंता का विषय है सरकार इसे रोकने सख्त कदम उठाए।
मौन क्यों है मोहन भागवत
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में जल, जंगल, जमीन छीनने का काम भाजपा की सरकार कर रही है। खनिज संसाधनों की लूट मची है, लाखों पेड़ चंद पूंजीपूति मित्रों के मुनाफे के लिये कांटे जा रहे है। पेसा कानून का खुला उल्लंघन करके ग्राम सभा, पीड़ित और प्रभावितो की आपत्ति को दर किनार करके जंगलो को जबरिया काटा जा रहा है। संघ प्रमुख कार्पोरेट परस्त सरकार से सवाल पुछने के बजाय पर्यावरण पर घड़ियाली आंसू बहा रहे है। हसदेव, तमनार, धरमजयगढ़, मैनपाट, बिलासपुर, बैलाडीला, कांकेर, किरंदुल और बचेली में जो निजी उद्योगपतियो को नये खदान आबंटित कर वनो की कटाई की जा रही है, उस पर मौन क्यों है मोहन भागवत?