राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय नवा रायपुर की ओर से एक आदेश 13 बिन्दुओं का जारी किया गया है। आदेश के मुताबिकक काॅलेज परिसर में प्रोफेसर आवारा कुत्तों की निगरानी करेंगे। यह भी देखेंगे कि काॅलेज परिसर मे खाने पीने की कोई चीज बिखरी तो नहीं है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय और अशासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों के लिए गाइडलाइन जारी किए हैं।आदेश के अनुसार, हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी। नोडल अधिकारी प्राध्यापक या सहायक प्राध्यापक को बनाया जाएगा।

प्रोफेसरों को नियुक्त किया जाएगा
जारी आदेश के अनुसार, अब कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस में आवारा कुत्तों के नियंत्रण, निगरानी और उनसे होने वाली संभावित घटनाओं की रोकथाम की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित संस्थानों की होगी। इसके लिए प्रोफेसरों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य
आदेश के अनुसार, हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी। नोडल अधिकारी प्राध्यापक या सहायक प्राध्यापक को बनाया जाएगा। यह नोडल अधिकारी स्थानीय प्रशासन, नगर निगम, नगर पालिका या परिषद से लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखेंगे।
संबंधित विभाग से संपर्क करना होगा
परिसर में अगर आवारा कुत्ते या अन्य पशु दिखाई देते हैं तो उन्हें हटाने के लिए तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क करना होगा। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश स्तर पर डॉ. टी जलजा नायर को नोडल नियुक्त किया है। प्रदेश के सभी कॉलेज और विश्वविद्यालय के नोडल अधिकारी इन्हें ही रिपोर्ट करेंगे।नोडल अधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर और हेल्पलाइन की जानकारी डिस्प्ले बोर्ड पर लगाना भी जरूरी किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि संस्थान परिसर में लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड की फोटो नोडल अधिकारी की ओर से उच्च शिक्षा संचालनालय को वॉट्सऐप के माध्यम से भेजी जाएगी।
13 बिंदुओं में स्पष्ट आदेश जारी
उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे Suo Moto Writ Petition (Civil) No. 05/2025 में दिए गए निर्देशों के पालन में की जा रही है। जिसके आधार पर अब उच्च शिक्षा संस्थानों को 13 बिंदुओं में स्पष्ट आदेश जारी कर दिए गए हैं।