राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। ग्राम पंचायत प्रतापपुर के सरपंच राजेश सिरसाम लामता के राघव टोला स्थित माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के प्लांट में कुछ लोगों के साथ मिलकर आग लगा दिया था।जिससे दस करोड़ का प्लांट जलकर राख हो गया था।आरोप है कि वसूली नहीं मिलने पर प्लांट पर आग लगाया गया था। इसके चलते 12 हजार किसानों की सिंचाई प्रभावित हुई।चार माह गए अभी तक सरपंच जेल में है। इस वजह से गांव के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि किसी अन्य जनप्रतिनिधि को प्रभार दे दिया जाए ताकि विकास के काम होते रहे।मजदूरों को भुगतान किया जा सके।

मजदूरी भुगतान-विकास कार्य प्रभावित
ग्रामीणों के मुताबिक, सरपंच के जेल में होने से पंचायत के दैनिक कामकाज और विकास योजनाओं के काम पर असर पड़ रहा है। मजदूरों का भुगतान अटका हुआ है और ग्रामीणों को पंचायत से जुड़े कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीण सुरेखा मड़ावी ने बताया कि सरपंच की अनुपस्थिति के कारण पंचायत के विकास कार्य बाधित हैं। गांव के लोगों को पंचायत की योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से जनहित में जल्द निर्णय लेने की मांग की।

सरपंच का प्रभार सौंपा जाए
ग्रामीण ईश्वरदयाल गौतम ने कहा कि सरपंच के नहीं होने से पंचायत की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनकी मांग है कि गांव के किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को सरपंच का प्रभार सौंपा जाए, ताकि विकास कार्य, मजदूरों का भुगतान और आम लोगों की समस्याओं का निराकरण हो सके।
सरपंच 4 महीने से जेल में बंद
जानकारी के अनुसार, सरपंच राजेश सिरसाम लामता के राघव टोला स्थित माइक्रो लिफ्ट सिंचाई परियोजना के प्लांट में आगजनी के आपराधिक मामले में करीब 4 महीने से बालाघाट जेल में बंद हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से पंचायत का कामकाज सुचारू रखने के लिए जल्द व्यवस्था करने की मांग की है।