सभी जिलों में स्मार्ट फिश पार्लर बनाएं,लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंःकमिश्नर - rashtrmat.com

सभी जिलों में स्मार्ट फिश पार्लर बनाएं,लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई करेंःकमिश्नर

 राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। रीवा संभाग कमिश्नर शीलेंद्र सिंह ने  मत्स्य विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की शासन द्वारा सभी जिलों में लक्ष्य अनुसार स्मार्ट फिश पार्लर बनाए जाने हैं। कई जिलों में अभी भी फिश पार्लर का कार्य प्रगति पर नहीं है। इस पर सख्तनाराजगी व्यक्त करते हुए कमिश्नर ने कहा कि स्मार्ट फिश पार्लर बनाए जाने के कार्य में लापरवाही बरतने वाले मत्स्यअधिकारियों पर प्रभावशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। आगामी 7 दिवस के अंदर स्मार्ट फिश पार्लर निर्माण के कार्यमें अपेक्षित प्रगति दिखनी चाहिए। कमिश्नर ने कृषि उपज मंडी विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी ई मंडियो में व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बाहर के व्यापारियों को भी उपज खरीदने का अवसर दिया जाए।

निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें
प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम मिल सके। कमिश्नर ने सभी मंडीसचिवों की ई गवर्नेंस के माध्यम से कंप्यूटर की ट्रेनिंग करवाने के भी निर्देश दिए। बताया गया कि संभाग की सभी कृषि उपज मंडियो में क्लीनिक ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग का कार्य किया जा रहा है। कमिश्नर ने सभी मंडी सचिवों को निर्देश दिए कि वह किसानों के मंडी में प्रवेश एवं निकासी में लगने वाले 9 से 10 घंटे के समय में कमी करते हुए कम समय में किसानों की उपज खरीद कर किसानों के मंडी से निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

ऋण वितरण की मात्रा बढ़ाने के निर्देश

कमिश्नर ने जिला सहकारी बैंक की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पैक्स सदस्यता अभियान के
अंतर्गत नए सदस्य बनाए जाएं। उन्होंने बैंक के माध्यम से ऋण वितरण की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए साथ ही कहा कि वितरित ऋण की वसूली भी प्राथमिकता से की जाए। कमिश्नर ने फसल ऋणमान हेतु जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक सभी जिलों में 12 नवंबर से पूर्व करने के निर्देश दिए। कृषि आदान की बैठक में संयुक्त आयुक्त वीरेंद्र पटेल एवं सभी संबंधित विभाग के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उर्वरकों का वितरण किया जाएगा

डेयरी विभाग की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि संभाग के सभी ग्राम पंचायत में दुग्ध
उत्पादन समितियों का गठन कर सभी समितियों का सहकारी बैंक में रजिस्ट्रेशन कराया जाए। स्पष्ट किया गया कि एक गांव से एक समिति में 21 सदस्य अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। जिला विपणन संघ की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि शासन द्वारा तय किए गए दर पर ही यूरिया और उर्वरकों का वितरण किया जाएगा।

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