राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। श्री राजपूत करणी सेना प्रमुख अनुराग प्रताप सिंह राघव ने कहा मजबूत सवर्ण आयोग का गठन होना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट भी यह मान चुका है कि एससी और एसटी के अधिकांश मामले झूठे हैं। राजस्थान,मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री सामान्य वर्ग की जरा भी नहीं सुनते। राजपूत करणी सेना और सवर्ण वर्ग दिल्ली का तापमान बढ़ाने 29 दिसम्बर को जा रहे है।

EWS से फायदा नहीं
श्री राजपूत करणी सेना और ब्राम्हण संगठन आज कलेक्ट्रेट के पास लंबे समय तक नारे लगाते रहे कलेक्टर हाजिर हो। प्रधान मंत्री के नाम ज्ञापन देना चाह रहे थे। अनुराग ने कहा कि 2019 में प्रधान मंत्री मोदी ने ईडब्लयू एस के तहत दस फीसदी सवर्णो को लाभ देने की घोषणा की थी लेकिन किसी को भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। यूजीसी काला कानून वापस लिया जाना चाहिए।

रीवा के सवर्ण नेताओं की आत्मा मर गयी
एक सवाल के जववा में अनुराग ने कहा कि रीवा के सवर्ण नेताओं की आत्मा मर चुकी है। उनकी शव यात्रा पहले भी निकल चुकी है। कायदे से उन्हें आगे आना चाहिए। आज नहीं आयेंगे तो कल को पछताएगंे।तब उनके पास कुछ नहीं रहेगा।महाकाल की नगरी उज्जैन से सवर्ण अधिकार की क्रांति उठी थी। आने वाले समय में यूपी में होगी। रीवा आठवा पड़ाव है।

चार सूत्रीय मांगे रखी
रीवा में सवर्ण समाज यानी श्री राजपूत करणी सेना और ब्राह्मण संगठन ने सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के सामने चार सूत्रीय मांगें रखी हैं। संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर रीवा के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षा, रोजगार,कानूनी सुरक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में ठोस निर्णय लेने की मांग की है।

UGC वापस लिया जाए
सवर्ण समाज ने ज्ञापन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के वर्ष 2026 के नए नियमों को पूरी तरह वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में ऐसे नियम होने चाहिए जिनमें अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और सामान्य वर्ग सहित सभी विद्यार्थियों को भेदभाव और उत्पीड़न के खिलाफ समान कानूनी संरक्षण मिले।