राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश के कोटवारों की लंबित मांगों का निराकरण नहीं होने से मध्यप्रदेश आजाद कोटवार संघ ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर रीवा के माध्यम से ज्ञापन देकर मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की है।मध्यप्रदेश के कोटवार अपनी लंबित मांगों को लेकर फिर आंदोलन की तैयारी में हैं। आजाद कोटवार कर्मचारी संघ 31 अक्टूबर से भोपाल में धरना देगा। इसके बाद 2 नवंबर से स्थानीय स्तर पर आंदोलन शुरू करने की तैयारी है।

ग्रामीण जनता के हित में
संघ के अनुसार, मध्यप्रदेश आजाद कोटवार संघ प्रदेश के लगभग 38 हजार कोटवारों का प्रतिनिधित्व करता है। कोटवार ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसके बावजूद उनकी प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। संघ का कहना है कि इन मांगों का निराकरण प्रदेश के सबसे छोटे राजस्व कर्मचारी कोटवारों के साथ-साथ ग्रामीण जनता के हित में भी आवश्यक है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संघ ने 4 सितंबर 2025 को भोपाल के अटल पथ पर प्रदेश के हजारों कोटवारों की मौजूदगी में तिरंगा यात्रा निकालकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को सौंपा था। इसके बावजूद अब तक मांगों का समाधान नहीं होने पर कोटवारों में असंतोष है।

अधिकारों से वंचित रखना उचित नहीं
संघ ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और कर्मचारियों की पदोन्नति जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कोटवारों की न्यायोचित मांगों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। संघ का मानना है कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने वाले कोटवारों को उनके अधिकारों से वंचित रखना उचित नहीं है।
गांधी जयंती से आंदोलन की तैयारी
संघ ने मांगें पूरी नहीं होने पर 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया था। इस दौरान अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन भी किया गया था।इसके बावजूद मांगों का निराकरण नहीं होने पर संघ ने फिर आंदोलन की तैयारी की है। संघ ने मुख्यमंत्री और रीवा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों का निराकरण करने की अपील की है।