राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। जिले की सभी तहसीलों में स्वामित्व योजना के पात्र हितग्राहियों को दिए गए भू अधिकार पत्रों के नि:शुल्क पंजीयन का अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर 30अक्टूबर तक शत-प्रतिशत भू अधिकार पत्रों का पंजीयन किया जाएगा।

अधिकार पत्रों का ही पंजीयन होगा
कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने गुढ़ और मनगवां तहसीलों के पाँच गांवों का भ्रमण करके स्वामित्व योजना के पट्टों का सत्यापन किया। कलेक्टर ने कहा कि आबादी भूमि के भू अधिकार पत्रों का ही पंजीयन होगा। तालाब की मेड़ के अथवा उसके अंदर जारी भू अधिकार पत्र मान्य नहीं होंगे। ड्रोन सर्वे में गलती करने वाले राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
मुआवजा राशि तत्काल प्रदान कर दें
कलेक्टर ने गुढ़ तहसील के ग्राम खड्डा के किनारे बनी बस्ती का निरीक्षण किया। इसमें तालाब केअंदर और मेड़ पर 30 घर बने पाए गए। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित एसडीएम को जारी पट्टों की जाँच करने तथा तालाब में अतिक्रमण करके बनाए गए मकानों को हटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ से जिन घरों में नुकसान हुआ है उन सभी को मुआवजा राशि तत्काल प्रदान कर दें। रमेश कोल के घर में आगजनी की दुर्घटना से हुई हानि की राहत राशि तत्काल प्रदान करें।

भू अधिकार पत्र मान्य नहीं होंगे
मुआवजा वितरण में देरी के संबंध में तहसीलदार गुढ़ और हल्का पटवारी को नोटिस देकर कार्रवाई करें। इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम चौड़ियार में तालाब के किनारे बनाई गई बस्ती का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कहा कि निजी भूमि और सरकारी भूमि को सीमांकन कराकर पृथक करें। सीमांकन के समय तालाब और सरकारी जमीन का स्पष्ट उल्लेख करें। तालाब के अंदर जारी भू अधिकार पत्र मान्य नहीं होंगे।
51 पट्टे जारी किए गए
इसके बाद कलेक्टर ने गुढ़ तहसील के ही बड़ागांव में तालाब के किनारे बने आवासों का निरीक्षणकिया। इसमें 51 पट्टे जारी किए गए हैं। कलेक्टर ने इसे आबादी भूमि घोषित करते हुए 82 हितग्राहियों को भू अधिकारपत्र जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बड़ागांव में आमजनता की समस्याएं सुनी तथा अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर ने मनगवां तहसील के ग्राम सथिनी तालाब के किनारे बनी बस्ती का एक किलोमीटर पैदल चलकर निरीक्षण किया। यहाँ तालाब के किनारे जलग्रहण क्षेत्र में 1978 से सरकारी जमीन पर मकान बनाए गए हैं।
सड़क मंजूर कर दी जाएगी
तालाब के जल भराव के लिए पृथक से नाला बनाया गया है। इसमें बनाए गए 50 घरों को भू अधिकार पत्र जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। आमजनता ने गांव तक आवागमन की सुविधा न होने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि खेतों की मेड़ में लगभग आठ फिट जगह उपलब्ध है। भूमिस्वामी सहमति देकर सड़क के लिए जमीन उपलब्ध करा दें। सथिनी से सथिनी तालाब तक सड़क निर्माण के लिए खनिज साधन मद से राशि दी जाएगी, जिससे बस्ती वासियों का आवागमन सुगम हो सके। बस्ती से बाईपास रोड के लिए भी जमीन उपलब्ध होने पर सड़क मंजूर कर दी जाएगी।