रीवा के 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अब ठेके पर,भ्रष्टाचार होगा- कांगे्रस - rashtrmat.com

रीवा के 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अब ठेके पर,भ्रष्टाचार होगा- कांगे्रस

राष्ट्रमत न्यूज,भोपाल/रीवा(ब्यूरो)। रीवा जिले की आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन अब पूरी तरह से आउटसोर्स सिस्टम से करने की सरकार ने मंजूरी दे दी है। यह प्रयोग प्रदेश के तीन जिलों में किया जायेगा। देवास और गुना में। यानी 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन अब निजी हाथों में दे दिया जाएगा।

मरीज इंतजार नहीं करेंगे

सरकार दावा कर रही है कि रीवा जिले के चाकघाट,हनुमना,नईगढ़ी,गंगेव,गुढ़,रायपुर कचुर्लियान,रहट और गोंविदगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों का संचालन अब निजी हाथ करेंगे।सरकार कहती है कि इससे मरीजों का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साफ सफाई की अच्छी व्यवस्था रहेगी। एक तरीके सारी व्यवस्था सरकारी अस्पताल से हटकर रहेगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर आएगी

मध्य प्रदेश में पहली बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन पूरी तरह से आउटसोर्स सिस्टम से किया जाएगा।सरकार का कहना है कि प्रदेश में डाक्टरों और एक्सपर्ट्स की भारी कमी है।स्वास्थ्य व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि पायलट प्रोजेक्ट में सीएचसी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसा हैजहां है की तर्ज पर निजी हाथों में सौंपा जाएगा। हालांकि मरीजों को राहत देने के लिए सरकारी दवाई, टीके, ओपीडी,आईपीडी और सर्जरी से जुड़ा सामान राज्य सरकार की नीति के अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुहैया कराया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट 5 साल के लिए 

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आदेश के मुताबिक, पहले चरण में रीवा, देवास और गुना की कुल 18 सीएचसी को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। यह पायलट प्रोजेक्ट शुरुआती तौर पर 05 साल के लिए लागू किया गया है।इसके तहत चुने गए निजी सेवा प्रदाता एजेंसी या ट्रस्ट को अस्पतालों का संचालन-प्रबंधन, हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी, तय मापदंडों पर डॉक्टरों और विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।

सरकार के इस फैसले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना चाहती है।