राष्ट्रमत न्यूज,बिलासपुर(ब्यूरो)। कोटा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कृषि अधिकारी बनकर गांवों में सर्वे के नाम पर रेकी करने और सूने मकानों के ताले तोड़कर चोरी करने वाले एक अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टर माइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह का मास्टर माइंड जूते की दुकान चलाने वाला एक स्नातक युवा है, जबकि उसका एक सहयोगी पहले स्कूल में प्रिंसिपल के पद पर कार्य कर चुका है।

बिलासपुर जिले के ग्रामीण थाना इलाके में दिनदहाड़े हुई चोरी की घटनाओं की जांच में पुलिस के सामने यह तरीका सामने आया। कोटा पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने कोरबा के 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 मामलों का खुलासा किया है। इनमें बिलासपुर जिले के 9 और कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र का एक मामला शामिल है।
ग्रेजुएट ने खोली जूते की दुकान
एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी ने बताया कि, गिरोह का मास्टरमाइंड विनोद कुमार वासुदेव है। वह ग्रेजुएट है और लोगों की नजर में सामान्य कारोबारी बने रहने के लिए उसने जूते की दुकान खोल रखी थी।दूसरा आरोपी भूपेंद्र सिंह राठौर पोस्ट-ग्रेजुएट है। पहले स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है। नौकरी से निकाले जाने के बाद उसने चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगा। तीसरा आरोपी राज प्रजापति उर्फ लल्लू है।

बाइक से ग्रामीण इलाकों में घूमते
आरोपियों की पहचान विनोद कुमार वासुदेव (33), भूपेंद्र सिंह राठौर उर्फ गुरुजी (43) और राज प्रजापति उर्फ लल्लू (19) के रूप में हुई है। तीनों कोरबा जिले के मानिकपुर क्षेत्र के डिपरापारा के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, वे बाइक से ग्रामीण इलाकों में घूमते थे।खेती-किसानी के काम से ग्रामीणों के घरों से बाहर रहने का समय उनके लिए वारदात का मौका बनता था। आउटर में बने मकानों को निशाना बनाकर वे ताला तोड़ते और पेटी-अलमारी में रखे जेवर-कैश चोरी कर लेते थे।
कैमरों से बचने के लिए ढकते थे चेहरा
कैमरों की नजर से बचने के लिए आरोपी चेहरे को कपड़े से ढंककर तथा हेलमेट पहनकर वारदात को अंजाम देते थे। वे चेहरा ढककर और हेलमेट पहनकर वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के फुटेज और बाकी सबूतों के आधार पर तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तब उन्होंने वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया।
