राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। . मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून और व्यवस्था तथा विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक माह में कम से कम दो दिन संयुक्त रूप से बैठक तथा दौरा करें। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास करें। कलेक्टर शासन की उच्च प्राथमिकता की योजनाओं की हर माह समीक्षा करें।

एक सप्ताह में निराकरण करें
समीक्षा बैठक में विकासखण्ड और ग्राम स्तर तक की गतिविधियों की निगरानी करें। विकास कार्यों और जनकल्याण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा तथा अन्य राजस्व प्रकरण तय की गई समय सीमा में निराकृत करें। लोक सेवा गारंटी योजना में चिन्हित सभी सेवाएं तय समय सीमा में आमजनों को उपलब्ध कराएं। सीएम
हेल्पलाइन में सौ दिन से अधिक समय से लंबित सभी प्रकरणों का एक सप्ताह में निराकरण करें।
समुचित प्रबंध कराएं
मुख्य सचिव ने कहा कि सभी अधिकारी प्रशासनिक व्यवस्थाओं में आधुनिक सूचना संचार तकनीक का उपयोग करें। योजनाओं के संबंध में उपलब्ध डाटा का ठीक से विश्लेषण करके समुचित कार्यवाही करें। हर योजना और कार्यक्रम की तथ्यपरक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। सुशासन की स्थापना के लिए प्रशासन को जनकल्याणकारी और उत्तरदायी बनाएं। कलेक्टर ग्रामीण विकास के कार्यों की भी हर महीने समीक्षा करें। कमिश्नर्स-कलेक्टर्स कान्फ्रेंस के एजेण्डा बिन्दुओं में प्रभावी कार्यवाही करें। शिशु मृत्यु दर तथा मातृ मृत्यु दर पर नियंत्रण के लिए जिला तथा विकासखण्ड स्तर तक समुचित प्रबंध कराएं।
सहायता मिलना सुनिश्चित करें
गर्भवती महिलाओं का समय पर शत-प्रतिशत पंजीयन, नियमित जाँच तथा एनिमिक गर्भवती महिलाओं की समुचित देखभाल की निगरानी करें। कम वजन तथा कम पोषण वाले बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के प्रयासों की भी कलेक्टर सतत निगरानी करें। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं तथा उनसे होने वाली असमय मौतें रोकना हमारे लिए बड़ी चुनौती है। सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठक आयोजित करके जिले के ब्लैक स्पॉट में सुधार, यातायात नियमों का कठोरता से पालन एवं दुर्घटना होने पर पीड़ित को तत्परता से सहायता मिलना सुनिश्चित करें।
वाहनों को स्क्रैप करने के निर्देश
राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं जिससे दुर्घटना पीड़ित को गोल्डन ऑवर में सहायता मिल सके। शासन द्वारा दुर्घटना पीड़ितों को डेढ़ लाख रुपए तक की तात्कालिक उपचार सहायता नि:शुल्क देने की व्यवस्था की गई है। इस योजना में 1600 अस्पतालों को शामिल किया गया है। सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाएं। मुख्य सचिव ने 15 वर्ष से अधिक पुराने सभी शासकीय वाहनों को स्क्रैप करने के निर्देश दिए।
किश्त देने की व्यवस्था करें
मुख्य सचिव ने कहा कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में सात दिनों में पीड़ित को राहत राशि की प्रथम किश्त देने की व्यवस्था करें। पुलिस और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी साप्ताहिक टीएल बैठक में जाति प्रमाण पत्र से संबंधित प्रकरण प्रस्तुत करके इनका निराकरण कराएं। इन प्रकरणों पर संवेदनशीलता से कार्यवाही करें। कलेक्टर भारतीय न्याय संहिता के तहत ई समन तथा ई साक्ष्य व्यवस्था को भी लागू कराएं। साथ ही सभी शस्त्र लायसेंस ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराएं।