जुड़वां बच्चों को 1.80 लाख में बेचा, जन्म देते ही फरार हुई विधवा - rashtrmat.com

जुड़वां बच्चों को 1.80 लाख में बेचा, जन्म देते ही फरार हुई विधवा

राष्ट्रमत न्यूज,लखनऊ/ कन्नौज (ब्यूरो)। कन्नौज जिले के विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में आर्थिक तंगी से जूझ रही एक विधवा महिला ने बदनामी के डर से अपनी ही कोख से जन्मे नवजात जुड़वां बच्चों एक बेटा और एक बेटी का सौदा कर बेच दिया। मजदूरी के दौरान वो गर्भवती हो गयी थी। मेडिकल काॅलेज मे आकर बच्चों को जन्म दिया फिर उन दोनों को बेच दिया। पुलिस कहती है मामले की जांच करेंगे। यदि ऐसा किया है तो अपराध बनता है। यदि गोद दिया गया है तो अपराध नहीं बनेंगा लेकिन उसकी भी एक कानूनी प्रक्रिया है।

जिम्मेदारी महिला के कंधों पर आ गई

चर्चा है कि दोनों बच्चों को महिला ने 1.80 लाख रुपये में बेच दिया है। यह मामला इन दिनों इलाके में चर्चाओं में है। ग्रामीणों के अनुसार, महिला कई साल पहले अपने पति और सात बच्चों के साथ मजदूरी करने जयपुर गई थी। करीब छह साल पहले सड़क हादसे में पति की मौत हो गई, जिसके बाद तीन बेटों और चार बेटियों के पालन-पोषण की पूरी जिम्मेदारी महिला के कंधों पर आ गई।

मजदूरी के दौरान गर्भवती हो गई
उसने मेहनत-मजदूरी करके दो बेटियों और एक बेटे का विवाह भी कर दिया। बताया गया कि जयपुर में मजदूरी के दौरान महिला एक व्यक्ति के संपर्क में आकर गर्भवती हो गई।  चर्चा है कि गर्भवती होने के बाद महिला ने उस व्यक्ति से 50 हजार रुपये ले लिए। हालांकि समाज के डर और बदनामी से बचने के लिए महिला अपने गांव लौट आई।

मेडिकल कॉलेज में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया
दो दिन पहले उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज में जुड़वां बच्चों (एक बेटा और एक बेटी) को जन्म दिया। बताया जाता है कि मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज होकर घर लौटते ही बच्चों की सौदेबाजी का खेल शुरू हो गया। ग्रामीणों की मानें तो बेटे को गांव के ही एक व्यक्ति को एक लाख रुपये में और बेटी को पास के गांव के एक परिवार को 80 हजार रुपये में बेच दिया गया।

कोई लिखित शिकायत  नहीं मिली
हैरत की बात यह रही कि इस सौदेबाजी के दौरान गांव के कई लोग गवाह के तौर पर मौजूद रहे। सौदा पूरा होते ही महिला रकम लेकर गांव से चली गई। विशुनगढ़ थानाध्यक्ष शशिकांत कनौजिया ने बताया कि फिलहाल यह मामला आधिकारिक तौर पर उनके संज्ञान में नहीं आया है। यदि कोई लिखित शिकायत या तहरीर मिलती है, तो मामले की गहनता से जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसकी जांच कराई जाएगी

मामला संज्ञान में आया है, जिसके लिए चाइल्ड लाइन की टीम को मौके पर भेजा जाएगा और इसकी जांच कराई जाएगी। नवजात को बेचना अपराध की श्रेणी में आता है। बच्चों को गोद लेने की भी एक कानूनी प्रक्रिया है, जिस पर बाल कल्याण समिति निर्णय लेती है।  –उवैदुर्रहमान सिद्दीकी, जिला प्रोबेशन अधिकारी

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