राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। जिला पंचायत बालाघाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के खिलाफ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सीईओ पर दुर्व्यवहार, अनावश्यक दबाव और नियम विरुद्ध कार्य कराने के आरोप लगाए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 28 फरवरी से सामूहिक अवकाश और 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की धमकी
शुक्रवार को पंचायत सचिवों, जनपद और जिला पंचायत कर्मचारियों के साथ ही इंजीनियरों ने एक ‘संयुक्त मोर्चा’ बना लिया है। उन्होंने एलान किया है कि कल से दो दिनों तक सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
बेजा दबाव बनाया जा रहा
पंचायत सचिव संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र चित्रिव ने सीईओ अभिषेक सराफ पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के खिलाफ जाकर कर्मचारियों के वेतन काटे जा रहे हैं।तबादलों पर रोक के बावजूद सचिवों को इधर-उधर भेजा जा रहा है।बेवक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) ली जाती है, जिससे महिला कर्मचारियों को बहुत दिक्कत होती है।सरकारी नियमों को दरकिनार कर बेजा दबाव बनाया जा रहा है।
सीईओ ने दी सफाई
इन आरोपों पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ का कहना है कि साल खत्म होने वाला है और उन पर भी काम पूरा करने का सरकारी दबाव है। उन्होंने सफाई दी कि वे दफ्तर के समय में ही बैठकें लेते हैं ताकि शासन के काम समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब काम की जिम्मेदारी की वजह से है, न कि किसी को परेशान करने के लिए।