फोर्टीफाइड चावल की कीमत सप्लाई फर्म UP से अधिक MP सरकार से ले रही - rashtrmat.com

फोर्टीफाइड चावल की कीमत सप्लाई फर्म UP से अधिक MP सरकार से ले रही

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।मध्य प्रदेश सरकार और यूपी सरकार को एक ही फर्म फोर्टीफाइड चावल सप्लाई करता है। लेकिन हैरानी वाली बात है कि फर्म यूपी को सस्ते दर पर देता है और मध्यप्रदेश को महंगे दर पर। यूपी को फोर्टीफाइड चावल 42 रुपए प्रति किलो जबकि मध्यप्रदेश सरकार को 59.85 रुपए प्रति किलो की दर से देता है। यानी 17 रुपए प्रति किलो   मध्यप्रदेश सरकार से अधिक कीमत वसूला जा रहा है। 50 लाख मैट्रीक धान का 67 फीसदी चावल बनेगा। जाहिर सी बात है कि करोड़ों रुपए हर साल एक फर्म मध्यप्रदेश सरकार से अधिक वसूल रही है।


फोर्टीफाइड चावल की सप्लाई
उत्तरप्रदेश सरकार ने 08 अक्टूबर को फोर्टीफाईड चावल की सप्लाई के लिए दो फर्मो को पैनलबद्ध किया है। इन दो फर्मो में एक केएसडीएम एग्रो इंडरट्रीज प्राईवेट लिमिटेड गाजीपुर है,तो दूसरी फर्म अन्नपूर्णा एग्रो इंडिया प्राईवेट लिमिटेड मिरजापुर है। इसी प्रकार मप्र सरकार ने छरू फर्मो को फोर्टीफाईड चावल की सप्लाई के लिए पैनल में लिया है।   फर्म अन्नपूर्णा एग्रो इंडिया प्राईवेट लिमिटेड मिरजापुर है। जिसे हरदा, डिंडौरी, बैतूल, सिंगरौली, रायसेन, मऊगंज में फोर्टीफाईड राईस देना है।
एक फर्म दो राज्यों में अलग अलग रेट
अब खास बात यह है कि उप्र सरकार  जिस चीज का ठेका 42 रूपये प्रतिकिलो में कर रही है, उसी का ठेका मप्र सरकार ने 59.85 रूपये प्रतिकिलो में किया है। जो कि स्पष्ट भ्रष्टाचार है। इसमें भी खासबात है कि दोनो राज्यों में चावल सप्लाई करने वाली फर्म भी एक है। एक ही फर्म यूपी सरकार को 42 रूपये में फोर्टीफाईड चावल सप्लाई कर रही है और मप्र में 59.85 रूपये में सप्लाई कर रही है। अब समझने की बात यह है कि मप्र में लगभग 50 लाख मैट्रीक टन धान का उपार्जन होना है। इस 50 लाख मैट्रिक टन धान का 67 प्रतिशत चावल बनेगा। जिनमें 33.50 लाख मिट्रिक टन चावल का 1 प्रतिशत फोर्टीफाईड चावल खरीदा जाना है, जो कि 3.35 हजार क्विंटल है। अब अगर दर में 17.18 रूपये का अंतर है तो इसमें लगभग 58 से 60 करोड का खेल दिख रहा है।

क्या है फोर्टीफाईट चावल

फोर्टीफाईट चांवल सामान्य चावल नहीं है, बल्कि यह पोषक तत्व में समृद्ध किया गया चांवल होता है। इसमें चावल के दानों के साथ विटामीन और लवण,खनिज,आयरन फौलिक एसिड विटामिन बी.12 मिलाये जाते है ताकि कुपोषण और एनिमिया जैसी समस्या कम हो। फोर्टीफिकेशन की प्रक्रिया में चावल के छोटे छोटे दानों को पोषक तत्वों से तैयार किया जाता है। फिर सामान्य चावल में एक प्रतिशत अनुपात में मिलाया जाता है। जिससे तैयार चावल पोषणयुक्त बन जाता है।