बुतपरस्त की सियासत से त्योंथर में BJP के पूर्व-वर्तमान विधायक भिड़े - rashtrmat.com

बुतपरस्त की सियासत से त्योंथर में BJP के पूर्व-वर्तमान विधायक भिड़े

 राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)।   उत्तर प्रदेश की सीमा से लगी रीवा जिले के त्योंथर तहसील कार्यालय के लोकार्पण को लेकर  हंगामा की स्थिति निर्मित हो गई ।  भाजपा के पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी और भाजपा के ही वर्तमान विधायक सिद्धार्थ तिवारी के समर्थक आमने-सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कार्यक्रम को बाधित करने का प्रयास किया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिए गए दखल के बाद दोनों पक्ष शांत तो हुए लेकिन कैमरे में उनकी तल्खी कैद हो गई।
त्यौथर की जनता का शोषण हुआ
कार्यक्रम के दौरान जहां वर्तमान त्यौथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने इसे मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की देन बताया तो वही पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी ने वर्तमान विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि वे जनता को ना बताएं कि उनके तीन पीढियां से त्योथर से कैसा संबंध रहा है। उनके बाबा के जमाने में बेक़सूर लोग किस तरह यौन उत्पीड़न के मामले में जेल भेजे गए। किस तरह से त्यौथर की जनता का शोषण हुआ।

सिलापट्टिका से मेरा नाम हटवा दिया
सियासी तनाव की स्थिति उस समय निर्मित हुई जब तहसील कार्यालय के लिए गुरुवार को भूमि पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। जहां त्योंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा पुरोहित के मंत्रों पर पूजन का काम कर रहे थे। इसी दौरान गुस्से में वहां श्यामलाल द्विवेदी पहुंचे। उन्होंने चिल्लाकर विधायक से कहा सिलापट्टिका से मेरा नाम हटवा दिया। पुरानी सिलापट्टिका को बदलवा दिया। तहसीलदार को फोन कर दिया।


समर्थक आमने सामने आ गए
श्यामलाल द्विवेदी ने तल्ख अंदाज में कहा अभी अभी विधायक बने हो। तुम्हारा यह कदम याद रखा जाएगा। इतने में श्याम लाल द्विवेदी के समर्थकों नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में सिद्धार्थ तिवारी के समर्थक भी नारेबाजी करने लगे।
मेरा अपमान किया गया है
देखते ही देखते झड़प की स्थिति बन गई। जहां सांसद जनार्दन मिश्रा अपनी जगह से उठकर पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी को मनाने के लिए पहुंचे।श्यामलाल द्विवेदी ने कहा कि मेरे नाम लिखी सिलापट्टिका भी तैयार हो गई थी लेकिन उसे विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने जानबूझकर हटवाया। यह मेरा अपमान है जिसे मैं बर्दाश्त नहीं करने वाला।


भाजपा का अंदरूनी मामला हैःसिद्धार्थ
सिलापट्टिाका में नाम नहीं होने से विवाद की स्थिति के संदर्भ में विधायक सिद्धार्थ तिवारी नेक कहा कि यह भाजपा की पारिवारिक बात है। बड़ी पार्टी में ऐसी छोटी.मोटी बातें होती रहती हैं। मैं इस विषय पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। बहरहाल श्यामलाल की बातें और सिद्धार्थ की बुतपरस्त की राजनीति से यह बात साफ हो गयी कि त्योंथर में श्यामलाल को दरकिनार करने के लिए ऐसा किया गया है। और इस मामले में जिले के बड़े नेताओं की सहमति भी थी।

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