

सिलापट्टिका से मेरा नाम हटवा दिया
सियासी तनाव की स्थिति उस समय निर्मित हुई जब तहसील कार्यालय के लिए गुरुवार को भूमि पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। जहां त्योंथर विधायक सिद्धार्थ तिवारी भाजपा सांसद जनार्दन मिश्रा पुरोहित के मंत्रों पर पूजन का काम कर रहे थे। इसी दौरान गुस्से में वहां श्यामलाल द्विवेदी पहुंचे। उन्होंने चिल्लाकर विधायक से कहा सिलापट्टिका से मेरा नाम हटवा दिया। पुरानी सिलापट्टिका को बदलवा दिया। तहसीलदार को फोन कर दिया।

समर्थक आमने सामने आ गए
श्यामलाल द्विवेदी ने तल्ख अंदाज में कहा अभी अभी विधायक बने हो। तुम्हारा यह कदम याद रखा जाएगा। इतने में श्याम लाल द्विवेदी के समर्थकों नारेबाजी शुरू कर दी। जवाब में सिद्धार्थ तिवारी के समर्थक भी नारेबाजी करने लगे।
मेरा अपमान किया गया है
देखते ही देखते झड़प की स्थिति बन गई। जहां सांसद जनार्दन मिश्रा अपनी जगह से उठकर पूर्व विधायक श्यामलाल द्विवेदी को मनाने के लिए पहुंचे।श्यामलाल द्विवेदी ने कहा कि मेरे नाम लिखी सिलापट्टिका भी तैयार हो गई थी लेकिन उसे विधायक सिद्धार्थ तिवारी ने जानबूझकर हटवाया। यह मेरा अपमान है जिसे मैं बर्दाश्त नहीं करने वाला।

भाजपा का अंदरूनी मामला हैःसिद्धार्थ
सिलापट्टिाका में नाम नहीं होने से विवाद की स्थिति के संदर्भ में विधायक सिद्धार्थ तिवारी नेक कहा कि यह भाजपा की पारिवारिक बात है। बड़ी पार्टी में ऐसी छोटी.मोटी बातें होती रहती हैं। मैं इस विषय पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। बहरहाल श्यामलाल की बातें और सिद्धार्थ की बुतपरस्त की राजनीति से यह बात साफ हो गयी कि त्योंथर में श्यामलाल को दरकिनार करने के लिए ऐसा किया गया है। और इस मामले में जिले के बड़े नेताओं की सहमति भी थी।