रीवा आयुर्वेद काॅलेज में डाॅक्टरों ने जलाई डिग्रियां,प्रोटेस्ट नौवें दिन भी - rashtrmat.com

रीवा आयुर्वेद काॅलेज में डाॅक्टरों ने जलाई डिग्रियां,प्रोटेस्ट नौवें दिन भी

राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, रीवा में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों का स्टाइपेंड बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आंदोलन 9वें दिन भी जारी है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे इंटर्न चिकित्सकों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर अपनी डिग्री जलाकर विरोध दर्ज कराया। इस घटनाक्रम के जरिए चिकित्सकों ने शासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
हमारा आंदोलन नहीं रूकेगा-डाॅ ज्योति
ज्योति तोमर फायनल की छात्रा ने कहा कि सरकार हमारी मांग सुन नहीं रही है। हमारा प्रोटेस्ट का नौवां दिन है। हम पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा हैं। हमारे पास कोई आप्सन नहीं है। यूपी में छात्र और छात्राओं को स्टाइपेंड दुगना कर दिया गया है। आखिर वहां भी बीजेपी की सरकार है और यहां भी। आखिर एमपी की सरकार चुप क्यों है। अभी तक उन्होंने कोई नोटिस नहीं निकाला। क्या करेंगे ऐसी डिग्री का। हमें सम्मान नहीं दिया जा रहा है। आज हमने डिग्रियां जला कर प्रोटेस्ट किया है। हमारा आंदोलन नहीं रूकने वाला।
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठाई
आंदोलनकारी चिकित्सकों की प्रमुख मांग है कि मध्य प्रदेश में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों को मिलने वाले मासिक स्टाइपेंड में वृद्धि कर इसे अन्य राज्यों के बराबर किया जाए। इसके साथ ही संबंधित नियमों के अनुरूप भुगतान और आयुष चिकित्सा संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने की मांग की जा रही है।
स्टाइपेंड में भारी अंतर का उठाया मुद्दा
आंदोलनकारियों की ओर से शासन को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, मध्य प्रदेश में बीएएमएस इंटर्न चिकित्सकों को वर्तमान में लगभग 9,383 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा है। वहीं, ज्ञापन में प्रस्तुत तुलनात्मक आंकड़ों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 33,099 रुपये, ओडिशा में 30,000 रुपये और तेलंगाना में 29,792 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलने का उल्लेख किया गया है।इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के स्टाइपेंड में काफी अंतर है। इसी अंतर को दूर करने और अपने आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग उठाई है।
नौवें दिन भी शासन के फैसले का इंतजार
लगातार नौ दिनों से जारी आंदोलन के बीच इंटर्न चिकित्सक अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। चिकित्सकों ने ज्ञापन के माध्यम से शासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की है।

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