कान्हा रिजर्व विस्थापन की अफवाह झूठी, भैंसवाही शिविर में मिला समाधान - rashtrmat.com

कान्हा रिजर्व विस्थापन की अफवाह झूठी, भैंसवाही शिविर में मिला समाधान

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।  नक्सल प्रभावित ग्राम भैंसवाही में जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर मीना ने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व से विस्थापन संबंधी अफवाहें निराधार हैं, किसी भी गांव को विस्थापित नहीं किया जा रहा। शिविर में   पुलिस उपमहानिरीक्षक विनीत जैन, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक श्रॉफ, एएसपी आदर्श कांत शुक्ला, बैहर एसडीएम अर्पित गुप्ता सहित अधिकारी उपस्थित रहे।

पुलिस का सहयोग करने की अपील

अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और किसानों की फौती दर्ज करने, किसान सम्मान निधि एवं पेंशन योजनाओं से वंचित पात्रों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए।एएसपी शुक्ला ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नक्सलियों की विचारधारा खोखली है तथा आत्मसमर्पण करने वालों को शासन की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी।

40 आवेदनों से सम्बंधित समस्या सुनी

शिविर में विभिन्न योजनाओं के लिए 40 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कलेक्टर द्वारा 40 आवेदनों का निराकरण किया गया। पी.एम. मातृ वंदना योजना के 02 आवेदन, लाडली लक्ष्मी के 01 आवेदन, सुकन्या समृद्धि योजना के 02 आवेदन, और जाति प्रमाण पत्र से सम्बंधित 20 आवेदन तथा अन्य समस्याओं से सम्बंधित कलेक्टर श्री मीणा को दिये गये अन्य 15 आवेदनों का निराकरण किया गया। इस प्रकार कुल 40 आवेदनों से सम्बंधित समस्या सुनी गई।

अन्य विभागों से संबंधित मुद्दे

 इसके अतिरिक्त जनसुनवाई शिविर में पिपरिया की भैसवाही पंचायत में आयोजित जनसुनवाई शिविर में ग्रामवासियों ने अपनी समस्याओं और मांगों को रखा। इस शिविर में वृद्धावस्था पेंशन के लिए 4 आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा, ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से 2 आवेदन दिए, जिनमें वन विभाग द्वारा वनों की कटाई रोकने, लघु जलाशय मीनकर निरस्त करने और अन्य विभागों से संबंधित मुद्दे शामिल थे। इन आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शिविर में भाग लेने वाली ग्राम पंचायत, पिपरिया व गोहारा और गोवारी ग्राम पंचायतों ने भाग लिए। शिविर में 293 हितग्राही उपस्थित हुए साथ ही बन्ना, पिपरिया, जल्दीडांड, सुमेरीखेड़ा के ग्रामीण भी उपस्थित रहे ।