ठसके से आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के छह लोगों को जेल - rashtrmat.com

ठसके से आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के छह लोगों को जेल

राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने बताया कि अंतर्राज्यीय आनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफास किया गया है। गिरोह में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जिनके पास से ठगी के 40 लाख रुपए नगद सहित कुल 55 लाख रुपए का मशरूका जप्त किया गया है। बताया गया कि इस गिरोह में शामिल सभी सदस्य दिखावे के लिए अलग-अलग तरह के काम करते थे। इन्होंने कई नाम से खुद की फाइनेंस कंपनी भी खोल रखी थी। जिसका नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला रखा था। जो लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर उन्हें आनलाइन ठगते थे। अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से ठगी की राशि निकाल लेते थे।


ठग 41 लाख ऐंठ लिये
पुलिस के अनुसार 23 अगस्त को प्रार्थिया शोबा सोनेकर उम्र 64 वर्ष निवासी प्रेमनगर ने थाना कोतवाली मे बीमा क्लैम एवं एजेंट कोड दिलाने के नाम पर आनलाइन धोखाधडी की रिपोर्ट की। थाना कोतवाली मे फरियादिया की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में साइबर सेल और पुलिस टीमों ने संयुक्त कार्रवाई कर एक बड़े आनलाइन ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है।बताया गया कि आरोपियों ने बुजुर्ग शोभा सोनेकर से उनके जीवन भर की कमाई और रिटायरमेंट की राशि 41 लाख रुपये की ठगी के रूप में ऐंठ ली थी।
अपनी पहचान छुपाई
10 लाख का बीमा क्लेम के साथ हर माह 1 लाख रु वेतन का झांसा दिया करते थे। इन आरोपियों ने सितंबर 2024 से फरियादी को लगातार काल कर झांसा दिया। जिसमंे उन्होंने पहले से बंद बीमा पालिसी का 10 लाख रूपये का क्लेम दिलाने और बाद में हर माह 01 लाख वेतन देने का लालच दिया था। आरोपियों ने फरियादी को विश्वास में लेने के लिए कोर लाइफ रिएल्टर्स ओजस्विन ग्रुप, सत्या ट्रेडर और ग्रेटर स्काइ स्टे नामक कंपनिया बनाकर आनलाइन धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया।जिसके जरिए फरियादी से कुल 41 लाख रुपये पहले 03 अलग-अलग बैंक खातों में टांसफर करवाए।इसके बाद आरोपियों ने इन रकमों को अन्य कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर अपनी पहचान छुपाई।
गिरोह पैसा निकाल चुके थे
रिपोर्ट एक माह बाद दर्ज होने के बाद आरोपी दिल्ली-नोएडा से नकदी निकाल चुके थे। आरोपियों में बिहार राज्य के 37 वर्षीय राहुल पिता राजनाथ, उप्र जिला गाजियाबाद के 29 वर्षीय हिमांशू पिता सुरेन्द्र शर्मा, उ.प्र नोएडा गौतम बुद्ध नगर के 44 वर्षीय ब्रिजेश पिता राजेन्द्र प्रसाद, गाजियाबाद,उ.प्र. झंडापुर निवासी 50 वर्षीय सतपाल पिता बजरंगी, दिल्ली शाहदरा निवासी 32 वर्षीय अमन शर्मा और हाल मुकाम नोएडा उ.प्र. थाना बोरिया,जमालपुर निवासी 30 वर्षीय अंकित वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इनके गिरोह में अन्य सदस्य भी होने की बात कही जा रही है।
ठग कई राज्यों में सक्रिय
पुलिस जांच से पता चला कि ठगों का गिरोह कई राज्यों में फैले हैं। अंतर्राज्यीय गिरोह महाराष्ट्र, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की आनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस की टीमों ने नोएडा, दिल्ली एवं वाराणसी में लगातार दबिश दी। करीब 10 दिनों में 14700 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की गई। इस कठिन अभियान के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनसे ठगे गए रूपये एवं घटना में प्रयुक्त सामग्री सहित कुल 55 लाख रूपये का मशरूका जप्त किया गया है।
गहन जांच के बाद ठग पकड़ाए
पुलिस ने यह भी बताया कि ठगी के आरोपी वारदातों को अंजाम देने के लिए हर बार नए नए फोन, न्यू सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग करते थे। बताया गया कि इस गिरोह का भांडाफोड़ करने के लिए पुलिस ने लगभग 800 मोबाइल नंबरों 60 आईएमईआई और 32 बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया। उधर साइबर सेल टीम ने लगातार बैंक खातों की लेन-देन गतिविधियों का एनालिसिस किया। जिसके बाद संदेहास्पद मोबाइल नंबरों का बारीकी से परीक्षण किया। जिससे आरोपियों तक पहुँचना संभव हो सका। जानकारी के अनुसार आरोपीगण महाराष्ट्र मुंबई के थानों में भी वांटेड लिस्ट में शामिल है। घटना मे प्रयुक्त होण्डा सिटी कार, लेपटाप, कंप्यूटर, 05 मोबाइल फोन एवं दस्तावेज कीमती करीबन 15 लाख रूपये जब्त सहित कुल 55 लाख रु का मशरूका जप्त किया गया है।