राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। कभी मलाजखंड की खदानों में मजदूरी करने वाले हाथों ने आज सफलता की ऐसी इबारत लिखी है, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। कभी घर-घर अखबार बांटकर और दुकानों में काम कर पढ़ाई का खर्च जुटाने वाले डॉ. राजेश कुमार राहंगडाले ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) परीक्षा-2024 में प्रदेश की मुख्य सूची में 9वां स्थान हासिल किया है। उनकी यह सफलता केवल एक प्रतियोगी परीक्षा में मिली उपलब्धि नहीं, बल्कि अभावों, संघर्ष और लगातार प्रयासों के बीच अपने सपनों को जीवित रखने की कहानी है।
बेहद तंगहाली में जीवन बीता
लालबर्रा के उत्कृष्ट स्कूल में शिक्षक डॉ. राजेश का बचपन बेहद तंगहाली में बीता। उनकी जिंदगी का सफर बताता है कि आर्थिक परिस्थितियां कठिन हो सकती हैं, लेकिन दृढ़ संकल्प और निरंतर मेहनत के सामने मंजिल दूर नहीं रहती।
सुबह अखबार बेचते
डॉ. राजेश का विद्यार्थी जीवन आर्थिक चुनौतियों से भरा रहा। पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्होंने परिस्थितियों से समझौता करने के बजाय काम करने का निर्णय लिया।पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए उन्हें खदानों में मजदूरी करने के साथ सुबह अखबार बेचने, दुकानों में काम करने और कोचिंग पढ़ाने तक का काम करना पड़ा।