राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। रायपुर जिले के व्यावसायिक क्षेत्र लभांडी में स्थित एम. अगस्त्य इंटरप्राइजेस के संचालक अमन कुमार अग्रवाल के खिलाफ पुलिस ने फर्जीवाड़ा और अमानत में खयानत का गंभीर मामला दर्ज किया है। आरोपी कारोबारी ने दिहाड़ी मजदूरों, सफाईकर्मियों, इलेक्ट्रिशियनों और फेरीवालों के नाम पर 10 फर्जी फर्में बनाकर 150 करोड़ रुपये का बोगस कारोबार दर्शाया। इस पूरे फर्जीवाड़े के जरिये कारोबारी ने 24 करोड़ रुपये से अधिक के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अवैध दावा ठोंका। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिकारियों की शिकायत के बाद तेलीबांधा थाना पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई शुरू की है।
कच्चे में माल बेचा
जांच अधिकारियों ने जब पंजीकृत ठिकानों का भौतिक सत्यापन किया तो धरातल पर कोई भी फर्म संचालित नहीं मिली। आरोपी अमन अग्रवाल ने 30 से अधिक कारोबारियों को बिना बिल यानी कच्चे में माल बेचा और फिर अस्तित्वहीन फर्मों के नाम से फर्जी बिल जारी कर दिए। इन बिलों की आड़ में आरोपी ने सरकार से करोड़ों रुपये का फर्जी आईटीसी हासिल करने की कोशिश की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अब उन सभी संबंधित कारोबारियों की जानकारी जुटा रही है, जिन्होंने इस नेटवर्क के माध्यम से अनुचित लाभ उठाया या माल खरीदा।
इंटरप्राइजेस का पंजीयन कराया
आरोपी ने जिन लोगों के नाम पर बोगस फर्में पंजीकृत कराई थीं, उनमें से अधिकतर बेहद मामूली आय वर्ग से आते हैं। गरियाबंद निवासी मजहर खान पूर्व में फेरी लगाने का काम करते थे और वर्तमान में इलेक्ट्रिशियन हैं, जिनके नाम पर मेसर्स यूनिक इंटरप्राइजेस बनाई गई। रायपुर के बैजनाथपारा निवासी अफजल अंसारी एक पार्किंग में मासिक वेतन पर काम करते हैं, जिन्हें मेसर्स अंसारी ट्रेडर्स का स्वामी दर्शाया गया। इसी तरह महादेवघाट रोड रायपुरा निवासी विकास यदु चाय का ठेला लगाते हैं और उनके नाम पर मेसर्स अगस्त इंटरप्राइजेस का पंजीयन कराया गया।