राष्ट्रमत न्यूज,नई दिल्ली (ब्यूरो)। राहुल गांधी ने आज दिल्ली में प्रेसवार्ता में सरकार पर आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया। उन्होंने मुझे बताया कि मैंने अमित शाह पर कुछ बोला, मैनें कहा कि जो भी छात्रों के साथ बर्बरता की गई, उसके लिए अमित शाह जिम्मेदार हैं। इसीलिए मुझे नहीं बोलने दिया गया। एम्स की रिपोर्ट में भी छात्रों को पैलेट गन लगी है। और सरकार इस बात को मानने को तैयार नहीं है। मुझसे ये आश्वासन दिया गया कि मैं अगर माफी मांग लूं तो मैं अपना संबोधन जारी रख सकता हूं। मैं कभी भी भाजपा और आरएसएस वालों से माफी नहीं मांगूंगा। ये उनको समझना चाहिए। राहुल बोले. गृहमंत्री दें इस्तीफा सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में बने जांच समिति।

लड़कियों को और बच्चों को मारा
आगे उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष होने के नाते ये मेरी जिम्मेदारी है कि देश की समस्याओं पर बोलूं। और इस समय सबसे बड़ी समस्या छात्रों पर हुई बर्बरता है। मैं इस पर बोलूंगा। वहां, छात्रों को डंडों से मारा गया वो भी उन डंडों में कीलें लगाई गई थीं। उनको कहां ये आइडिया आया। कई वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे पुलिस वालों ने लड़कियों को और बच्चों को मारा।

गृह मंत्री के आदेश की जरूरत

मैनें अमित शाह को एक पत्र लिखा
25 जुलाई को मैनें अमित शाह को एक पत्र लिखा। बहुत ही सम्मान के साथ लिखा और पूछा कि अमित शाह क्या आपने इस कार्रवाई की इजाजत दी। अगर नहीं दी तो फिर किसने दिया। इस पत्र पर मुझे कुछ भी नहीं बताया गया। मुझे ये भी नहीं पता ये पत्र वहां पहुंचा या नहीं। हम लोगों को भरोसा दिलाना चाहते हैं। कि जिन छात्रों पर लाठी चली हैं, उनको न्याय मिलेगा। हमारे पास सभी के वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं। उनको इसकी सजा मिलेगी।