राष्ट्रमत न्यूज बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में पिछले 10 सालों से स्कूली वाहन बिना परमिट के संचालित हो रहे थे। यातायात विभाग द्वारा समय-समय पर की जाने वाली जांच में इन वाहनों को पकड़े जाने पर केवल जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जाता था।परिवहन विभाग और यातायात विभाग अब वाहनों के परमिट बनाने के लिए शिविर आयोजित करने की बात कह रहे हैं।

परमिट लेने के लिए तैयार हैं
हाल ही में यातायात विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच के बाद, स्कूली वाहन चालक यातायात थाने पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से परमिट दिलाने का निवेदन किया। कहा कि वे परमिट लेने के लिए तैयार हैं।अब सवाल उठ रहे हैं कि यदि इन वाहनों के पास परमिट नहीं था, तो फिटनेस और बीमा (इंश्योरेंस) कैसे हो गया। वाहन मालिक अमित अग्रवाल ने बताया कि वे बीमा के लिए 25 से 30 रुपये खर्च करते हैं।

प्रकरण जबलपुर भेजा जाएगा
मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग और यातायात विभाग अब वाहनों के परमिट बनाने के लिए शिविर आयोजित करने की बात कह रहे हैं। यातायात थाना प्रभारी यीना राहंगडाले ने जानकारी दी कि वाहन चालकों के लिए शिविर लगाकर परमिट बनाए जाएंगे। वहीं, परिवहन अधिकारी देवेश बाथम ने बताया कि पहले अस्थायी परमिट जारी किए जाएंगे। इसके बाद, वाहनों के दस्तावेजों के साथ स्थायी परमिट के लिए प्रकरण जबलपुर भेजा जाएगा। उन्होंने वाहन मालिकों से परमिट के लिए विभाग में आवेदन करने को कहा है, ताकि प्रक्रिया पूरी की जा सके।