सोनिया वर्मा की ग़ज़लें - rashtrmat.com

सोनिया वर्मा की ग़ज़लें

सोनिया वर्मा की ग़ज़लों में जीवन का सच हे। जीवन में संघर्ष, अच्छे कर्म, संवेदनशीलता और दृढ़ चरित्र ही मनुष्य को आगे बढ़ाते हैं; आसान रास्तों से बड़ी मंज़िलें नहीं मिलतीं।वहीं दूसरी ग़ज़ल अधिक सामाजिक और प्रेरक है। इसमें जीवन के अनेक अनुभव सूत्रों की तरह पिरोए गए हैं। इसे पढ़कर लगता है जैसे कोई अनुभवी व्यक्ति जीवन के नियम समझा रहा हो।

सोनिया वर्मा   की ग़ज़लें

Ghazals of soniya verma

   1-

कोई आदत कभी नहीं जाती

ज़िंदगी यूं भी जी नहीं जाती

दर्द औरों के जबसे देखे हैं
आंख से ही नमी नहीं जाती

बेख़ुदी ज़िन्दगी में आ न सकी
और किसी पल ख़ुदी नहीं जाती

जाने वाले चले गये,उनकी –
ज़िन्दगी से कमी नहीं जाती

इक ही रस्ता है मेरी मंज़िल का
और कोई गली नहीं जाती

कुछ अलग करने की जो ठान ली तो
भेड़ चाल अब चली नहीं जाती

इंतिहा हो गई  है दर्द की अब
आह हमसे भरी नहीं जाती

पी लिए ज़िंदगी तेरे ग़म सब
प्रार्थना और की नहीं जाती

मौत केवल शरीर ले के गई
रूह की रौशनी नहीं जाती

  2

होते  हैं जो  सभी  के  मददगार  बार बार

मिलती है फिर भी क्यों उन्हें दुत्कार बार बार

शब्दों के ज़ख्म भरते नहीं हैं किसी तरह
देते हो फिर ज़बान को क्यों धार बार बार

बेसुध दिखे जो कोई  कहीं राह में तुम्हें
पानी की मुख पे  करनी है बौछार बार बार

नासूर यूं ही होता नहीं है कोई भी ज़ख़्म
जब तक करे न उसपे कोई  वार बार बार

आसान कब हुआ है किसी को भी भूलना
यादें बनी हैं ज़ीस्त का आधार बार बार

इक बार चल पड़े जो ग़लत राह पर कोई
बदनामियाँ ही सहता है परिवार बार बार

छोडे शिकार शेर ये संभव नही कभी
होता नहीं जगत में चमत्कार बार बार

कठिनाइयों से जूझते आए हैं लोग जो
कठिनाई उनसे मानती है हार बार बार

आसानियों से मिलती नहीं मंज़िलें कभी
चुभते हैं रास्तों में बहुत ख़ार बार बार

      3

तेरे चेहरे पर उदासी क्यूँ है आ, कुछ बात कर

दूर होगी हर समस्या तू बता, कुछ बात कर

खेल है कुछ के लिए कुछ के लिए व्यापार है

लूटता है देवता बन प्यार का, कुछ बात कर

क्यूँ डरूँ मैं अब किसी भी आँधी या तूफ़ान से

हर क़दम पर साथ तेरा मिल रहा, कुछ बात कर

जा रहा है क्यों भला तनहाइयाँ सहता हुआ

साथ मेरे चंद पल आकर बिता, कुछ बात कर

इस तरह से छोड़कर दुनिया न जा ऐ नौजवाँ

दर्द मत दिल में दबा, अपनी सुना, कुछ बात कर

हार मत जाना तू अपनी कोशिशों के सामने

सोई क़िस्मत को जगा, हिम्मत दिखा, कुछ बात कर

ख़ामियाँ ही ख़ामियाँ तुझमें गिनाएँ लोग जो

कहता जा उनको भी हँसकर शुक्रिया, कुछ बात कर

छोड़कर नादानियाँ, गुस्ताखियाँ, रुसवाइयाँ

दोस्तों के साथ भी रख राब्ता, कुछ बात कर

सोनिया वर्मा

मोबाइल नंबर- 8357803400

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