राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)।आदिवासी बहुल ग्राम सुकलदंड में हैंण्ड पंप बिगड़ जाने से ग्रामीण महिलाएं,बुजुर्ग और बच्चे दूषित झिरिया का पानी पी रहे थे।इससे गांव में संक्रामक बीमारी का खतरा बढ़ गया था। खबर सामने आने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सुधार दल को मौके पर भेजा। टीम ने बंद पड़े हैंडपंप की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया।

नल जल योजना शुरू की जाए
गरमी में पानी की जरूरत बढ़ जाती है। लेकिन ऐसे समय में दूषित झिरिया को पानी पीना गंभीर बीमारी का सीधे न्यौता देना है। अब हैंडपंप शुरू होने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और उन्हें झिरिया के गंदे पानी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ग्रामीणों की समस्या को मीडिया ने प्रमुखता से उठाया। समस्या को प्रमुखता से उठाने पर आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से गांव में संभावित स्वास्थ्य संकट टल गया है। वहीं ग्रामीणों ने नलजल योजना को भी शीघ्र शुरू कराने की मांग की है ताकि भविष्य में पेयजल संकट की स्थिति दोबारा न बने।
