राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। मनोज बाजपेयी अभिनीत फिल्म ‘गवर्नर’ जून में रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म 1998 के देश के आर्थिक संकट पर आधारित है। नवाज ने बालाघाट पहुंचकर पत्रकारों से अपने फिल्मी सफर, भविष्य की परियोजनाओं और मुंबई तक पहुंचने के अनुभवों पर खुलकर चर्चा की।बालाघाट के युवा कलाकार नवाज खान ने इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे तत्कालीन आरबीआई गवर्नर और प्रधानमंत्री पी. नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने देश को इस आर्थिक संकट से बाहर निकाला था। उस दौर में देश को अपना सोना तक गिरवी रखना पड़ा था।इसी थीम पर आधारित इस फिल्म में नवाज खान का रोल अहम और निर्णायक बताया जा रहा है।

बचपन से ही रंगमंच का शौक था
नवाज खान नेवी ऑफिसर मो. फैयाज खान के बेटे हैं। उन्होंने बालाघाट के केंद्रीय विद्यालय से आठवीं तक की शिक्षा प्राप्त की। परिवार में कला का माहौल होने के कारण उन्हें बचपन से ही रंगमंच का शौक था।उन्होंने अपना करियर थिएटर से शुरू किया और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से थिएटर में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। परिवार की सहमति से वे मुंबई पहुंचे। एक साल के संघर्ष के बाद, कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के माध्यम से उन्हें ‘गवर्नर’ में काम करने का अवसर मिला।
फिल्मी कैरियर बनाना, आसान नहीं
नवाज बताते हैं कि उनका रोल छोटा है लेकिन यह फिल्म का एक महत्वपूर्ण और निर्णायक हिस्सा है। वह भविष्य में भी फिल्मो में काम करना चाहते है और एक नए प्रोजेक्ट पर भी वह काम कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने इसका खुलासा नहीं किया। एक सवाल के जवाब में नवाज बताते है कि फिल्मी दुनिया में कैरियर बनाना, आसान नहीं है, मुंबई के वर्सोवा के आराम नगर में कॉस्टिंग डायरेक्टर के यहां कलाकार बनने आने वालों की भीड़ है लेकिन जो थियेटर के माध्यम से जुनुन के साथ विपरित हालत में भी खड़ा रहता है, उसे ही अवसर मिलता है।
पिता फैयाज कर चुके है राम का अभिनय
नवाज के पिता फैयाज, नेवी में कार्यरत होने के नाते, देश के अलग-अलग हिस्सो में रहे हैं। जहां भी उन्होंने बालाघाट से जन्मी कलाकार की प्रतिभा को कभी मरने नहीं दिया। बालाघाट में रहकर थियेटर से जुड़े रहे फैयाज खान ने विखाखापट्नम, पोर्ट ब्लेयर अंडमान में भगवान श्रीराम के जीवन पर आधारित थियेटर में भगवान राम की भूमिका निभाई है।