राजेश पाठक की कविताएं - rashtrmat.com

राजेश पाठक की कविताएं

राजेश पाठक झारखंड में रहते हैं। सरकारी दफ्तर की फाइलों की बीच भी उन्होंने आम आदमी की तकलीफों को महसूस किया और उसे कविता की भाषा दी। इनकी कविताओं से आप समझ सकते हैं कि उनकी सोच की धारा कैसी है। इनकी  कविताएं गांव,आम आदमी का संघर्ष, अकुलाहट और लोकतंत्रिक व्यवस्था के सच पर चोट करते हैं।

1  – भूख \कविता

भूख नहीं देखती है

ब्रेड व बटर का ट्रेडमार्क

कि किस जाति

व धर्म के लोगों ने

किया है इनका निर्माण

भूख नहीं देखती है

कि किस जाति

व धर्म के लोगों ने

पकड़ रखा है

खाने- पीने की आवश्यक

वस्तुओं का व्यापार

भूख यह भी नहीं देखती

कि किस जाति

व धर्म के लोगों ने

बढ़ा दी है अपनी थालियाँ

उसकी ओर

इन सबको देखने के लिए

जगी भूख को सुलाना पड़ता है!

  1. – पेट

उसका अंग-प्रत्यंग

हिल रहा था

वह छटपटा रहा था

उसकी छटपटाहट को

लोग नृत्य समझ रहे थे

तालियाँ बजा रहे थे

अच्छे कलाकार होने का

अनुमान लगा रहे थे

कुछ तो मेडल देने की

सोच रहे थे

क्योंकि इन सबों के

पेट भरे थे!

  1. – मजदूर

मजदूर जब उठाता है टोकरी

तो इस तरह उठा लेता है

देश के बोझ को

वह जब खोदता है कुआँ

तो इस तरह बुझा जाता है

देश की प्यास को

वह चलता है तो देश चलता है

उसका हर कदम बढ़ाता है

देश को सौ कदम आगे

देश का जीवन-तार

जुड़ा होता है

मजदूर के जीवन-तारों से

इसलिए

उसका निरंतर चलना जरूरी है

उसका इस तरह चलना ही

देश का चलना होता है

और बैठना !

देश का बैठ जाना,,,

  1. मॉर्निंग वॉक

मजदूर जब सो कर उठता है

तो नहीं जाता है

मॉर्निंग वॉक पर

वह नहीं बहाता है

खामख्वाह पसीना

उसे पता होता है पसीने की

हरेक बूंद की कीमत

उसके बहे पसीने से

निर्मित होती आई हैं

बड़ी-बड़ी इमारतें

लंबी – लंबी सड़कें

और क्या-क्या नहीं!

इसलिए वह

वहीं बहाता है पसीना

जहाँ से संभव होता है

उसका जीना

और देश का भी

होता है चौड़ा सीना

मजदूर के पसीने का बहना

उसका सबसे बड़ा गहना है!

  1. झंडा

किसी देश की

खुशी का

सबसे बड़ा पैमाना

होता है –

गरीब

वह जब हॅंसता है

तो सुनाई देती है

पूरे देश में हॅंसी

हम भले गढ़ते चलें

नये-नये कीर्तिमान

पर गरीब के चेहरे पर

मुस्कान से

बढ़ता है देश का मान

इसलिए जरूरी है

गरीब को

उठाए रखना ऊपर,

खुद से ऊपर

गरीब

देश का झंडा होता है !

राजेश पाठक

द्वारा जिला सांख्यिकी कार्यालय, गिरिडीह,

झारखण्ड- 815301

मो नं – 9113150917