राष्ट्रमत न्यूज,रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ समेत देश के 14 राज्यों ने मंगलवार को साप्ताहिक नीलामी के जरिए बाजार से 47,620 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। यह राशि पिछले सप्ताह जुटाए गए 38,050 करोड़ रुपए से 25% अधिक है और राज्यों द्वारा निर्धारित 42,750 करोड़ रुपए के लक्ष्य को भी पार कर गई है।

नए विकास कार्यों की गति
मार्च क्लोजिंग नजदीक होने के कारण छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए यह फंड बेहद अहम है, क्योंकि वित्त वर्ष के अंत में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की पेमेंट और नए विकास कार्यों की गति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त नकदी की आवश्यकता होती है। बाजार से उम्मीद से ज्यादा उधारी लेना यह दर्शाता है कि राज्य अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए आक्रामक तरीके से फंड जुटा रहे हैं।
ध्यान पूंजीगत व्यय पर अधिक
नीलामी के दौरान छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे बड़े राज्यों ने 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड जारी किए। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में राज्यों ने कुल 4.99 लाख करोड़ रुपए तक का कर्ज लेने का लक्ष्य रखा है। मार्च का महीना पास होने की वजह से राज्य सरकारों का ध्यान पूंजीगत व्यय पर अधिक रहता है।
ब्याज दरें और बाजार की स्थिति
नीलामी के दौरान 10 साल के स्टेट डेवलपमेंट लोन (एसडीएल) पर कट-ऑफ यील्ड 7.54% से 7.59% के बीच दर्ज की गई। पिछले साल इसी अवधि में यह 7.57% थी। हालांकि ब्याज दरों में मामूली बदलाव आया है, लेकिन राज्यों ने अपनी तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बाजार से पैसा उठाना ही बेहतर समझा।