आदिवासी अंचल के स्कूल,नरगिस के फूल,स्कलों के बंद होने का समय तय नहीं - rashtrmat.com

आदिवासी अंचल के स्कूल,नरगिस के फूल,स्कलों के बंद होने का समय तय नहीं

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाटब्यूरो)।जिले के आदिवासी अंचल में संचालित शासकीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था आज भी नरगिस के फूल की तरह है। सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर शिक्षा के स्तर को सुधारने का प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। जिला मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर दूर स्थित चालीसबोड़ी पंचायत के पालागोंदी प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। यहां पदस्थ शिक्षक अविनाश राहंगडाले ने दोपहर महज 01 बजे ही उपस्थित सभी 28 बच्चों को छुट्टी देकर घर भेज दिया और स्कूल बंद कर दिया। लेकिन स्कूल से कुछ दूरी पर मौजूद बच्चों ने बताया कि गुरुजी ने उनसे कहा, तुम लोग घर जाओ मुझे मीटिंग में जाना है।

 मैयत में जाने स्कूल बंद कर दिये
पालागोंदी से लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित माध्यमिक शाला बम्हनी में दोपहर करीब 02 बजे ही स्कूल की छुट्टी कर दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में किसी की मैयत होने की बात कहकर स्कूल बंद कर दिया गया। लेकिन ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इसी तरह बहाने बनाकर स्कूल समय से पहले बंद किए जाते रहे हैं।

आदिवासी अंचल के ये बच्चे पहले ही संसाधनों की कमी, गरीबी और जागरूकता के अभाव से जूझ रहे हैं। ऐसे में यदि शिक्षक ही अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ लें तो इन बच्चों के भविष्य का क्या होगा? सरकार एक ओर शिक्षा के अधिकार की बात करती है तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।

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