राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट ब्यूरो)। बालाघाट जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर स्थित प्रसूता वार्ड से जनवरी माह में 90 प्रसूति प्रकरण बिना किसी जानकारी या इलाज के गायब हो गए। कलेक्टर मृणाल मीणा के औचक निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला मामला सामने आया, जिसके बाद उन्होंने सीएमएचओ को जांच के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर मीणा शुक्रवार को प्रसूता वार्ड का निरीक्षण कर रहे थीे। इस दौरान उन्हें पता चला कि जनवरी में 90 ऐसी प्रसूताएं थीं, जो अस्पताल में भर्ती होने के बाद बिना बताए चली गईं। इन मामलों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं कि वे कहां हैं, उनका इलाज कहां चल रहा है और उन्हें अस्पताल क्यों छोड़ना पड़ा।ट्रामा सेंटर के ड्रेनेज एवं शौचालयों का निरीक्षण करते हुए नेत्र वार्ड विस्तार कार्य शीघ्र प्रारंभ करने तथा सफाई में लापरवाही बरतने वाली फर्म पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।

नोटिस जारी कर जांच करने के निर्देश दिए
बताया गया कि जनवरी 2026 में जिला चिकित्सालय में 753 गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए भर्ती किया गया, जिनमें से लगभग 90 महिलाएं स्वयं की इच्छा से या बिना बताए अस्पताल छोड़कर चली गईं। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए काउंसलिंग व्यवस्था और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं एवं उनके परिजनों को प्रसव की संभावित अवधि की स्पष्ट जानकारी दी जाए। बिना सूचना अस्पताल छोड़ने के मामलों में संबंधित वार्ड बॉय, नर्सिंग अधिकारी एवं आशा कार्यकर्ता को नोटिस जारी कर जांच करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए भर्ती महिलाओं को निजी अस्पताल जाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने प्राइवेट एम्बुलेंस की अस्पताल परिसर में एंट्री पर रोक लगाने तथा रात्रिकालीन निरीक्षण के निर्देश भी दिए।
अस्वच्छता पर भी गहरी नाराजगी
कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप को तत्काल एक टीम गठित कर पूरे मामले की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वार्ड में भर्ती प्रसूति महिलाओं की स्थिति, गंभीर प्रकरणों में काउंसलिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में व्याप्त अस्वच्छता पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की।कलेक्टर ने कहा कि पर्याप्त स्टाफ होने के बावजूद स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिसके लिए नियमित निरीक्षण आवश्यक है। उन्होंने सीएमएचओ को प्रतिदिन एक घंटा वार्ड का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

खामियों और सुधार का पता चलता है
एक अन्य मामले में, कलेक्टर ने बताया कि आई वार्ड के लिए मशीन आ चुकी है, जबकि अतिरिक्त वार्ड के निर्माण का टेंडर भी हो गया है। उन्होंने आरईएस द्वारा अब तक काम शुरू न करने पर भी सवाल उठाया और इसकी जांच कर लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।सिविल सर्जन ने अस्पताल में कलेक्टर के निरीक्षण को लेकर चर्चा में बताया कि वरिष्ठ अधिकारी के निरीक्षण से अस्पताल में खामियों और सुधार का पता चलता है। उनके देखने का नजरिया अलग होता है और यह अच्छी बात है कि वरिष्ठ अधिकारी, अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधा दिलाने को लेकर गंभीर है।
पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए
निरीक्षण के दौरान नवजात शिशुओं के उपचार हेतु संचालित एसएनसीयू का भी अवलोकन किया गया। एसएनसीयू को पुराने भवन से स्थानांतरित कर ट्रामा सेंटर स्थित प्रसूति वार्ड के पास स्थापित किया गया है, जिससे नवजातों को त्वरित उपचार मिल सके। कलेक्टर ने एसएनसीयू की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। अंत में ट्रामा सेंटर के ड्रेनेज एवं शौचालयों का निरीक्षण करते हुए नेत्र वार्ड विस्तार कार्य शीघ्र प्रारंभ करने तथा सफाई में लापरवाही बरतने वाली फर्म पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।