राष्ट्रमत न्यूज,रीवा(ब्यूरो)। मध्यप्रदेश के रीवा में काली कोट और खाकी वर्दी के बीच टकराव का मामला गरमा गया है। आज अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पांडेय सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ताओं ने यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा के खिलाफ आवाज उठाई। और उनकी कारगुजारियों की शिकायत एएसपी से की। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देते कहा कि दशहरा के दिन उन्होंने हमारे अधिवक्ता विकास पटेल के साथ जबरिया कार्रवाई की और मारपीट की। उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। वो क्या कर रही है,सारा शहर जानता है।ऐसे यातायात प्रभारी को यहां से हटाएं अन्यथा भविष्य में कुछ भी गंभीर घटना घट सकती है। और उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करें।

अनिमा की बदतमीजी से सब परेशान
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पांडेय ने कहा कि यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा आरक्षक वेद प्रसाद मिश्रा और हरिओम पाण्डेय ने अधिवक्ता विकास पटेल के साथ मारपीट की और अभद्रता की।अनिमा शर्मा से सभी परेशान हैं। अनिमा शर्मा स्वयं रांग साइड थी। फिर भी विकास पटेल के खिलाफ कार्रवाई की। अभी कोर्ट कैम्पस में जो बवाल हुआ उसी की वजह से हुई। वकीलों से बदतमीजी की। वकील के खिलाफ जो मामला दर्ज किया है,उसे खत्म करें। इसके खिलाफ प्रकरण कायम करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो अनिमा मिलेगी शहर में ही। वकील भी चलेंगे इसी शहर में।भविष्य में इसे लेकर कोई बड़ी घटना न हो, इसलिए इसे यहां से हटाया जाए। यातायात थाना प्रभारी अनिमा के खिलाफ अधिवक्ता संघ ने एक ज्ञापन भी एएसपी को देकर कार्रवाई की मांग की।

अनिमा ने अधिवक्ता को मारा
अधिवक्ता विकास पटेल ने कहा कि अनिमा की वजह से पहली घटना 03 अक्टूबर 2025 को पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में घटित हुई। जबकि दूसरी घटना 15 जनवरी 2026 को प्रकाश चैराहे पर सामने आई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि दोनों ही मौकों पर वे पूरी तरह निरपराध थे। इसके बावजूद यातायात थाना प्रभारी द्वारा न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया बल्कि उनके साथ मारपीट भी की गई। आरोप यह भी है कि पहली घटना के दौरान अधिवक्ता के खिलाफ फर्जी आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जबकि शिकायत के साथ चोटों की तस्वीरें भी संलग्न की गई हैं,जिन्हें वे अपने आरोपों का प्रमाण बता रहे हैं।

अनिमा के खिलाफ प्रकरण दर्ज करें
अधिवक्ताओं का कहना है कि यातायात थाना प्रभारी का व्यवहार लगातार उग्र बना हुआ है और आए दिन अधिवक्ताओं सहित आम नागरिकों के साथ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो यह स्थिति किसी बड़ी और गंभीर घटना को जन्म दे सकती है। इन्हीं आरोपों के आधार पर अधिवक्ता संघ ने यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा को तत्काल निलंबित करने एवं उनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

मेरे खिलाफ आरोप गलतःअनिमा
वहीं इस पूरे मामले में यातायात थाना प्रभारी अनिमा शर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे दोनों ही घटनाओं के समय अपने शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रही थीं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को समझाइश दी जा रही थी। उनके अनुसार कार्रवाई से बचने और विभाग पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उनके विरुद्ध एकतरफा शिकायत की गई है। अनिमा शर्मा का स्पष्ट कहना है कि किसी भी अधिवक्ता या नागरिक के साथ जानबूझकर मारपीट या अभद्र व्यवहार नहीं किया गया और यदि निष्पक्ष जांच होती हैए तो सच्चाई स्वयं सामने आ जाएगी।
फिलहाल यह पूरा मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में है और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और किस पक्ष के आरोप सही साबित होते हैं।