हमेशा डर बना रहता है कहीं घर न उजाड़ दिया जाए - rashtrmat.com

हमेशा डर बना रहता है कहीं घर न उजाड़ दिया जाए

राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। नगर पालिका ने सड़क बना दी। नाली भी बना दी। बिजली विभाग ने बिजली कनेक्शन भी दे दिया। लेकिन अब प्रशासन कह रहा है कि जिस जमीन में घर बनाकर रह रहे हैं,उसका पट्टा नहीं दिया जा सकता। इसलिए कि यह जमीन छोटे पेड़ पौधों के लिए है। अब हमेशा डर बना रहता है कि कहीं उनका घर न उजाड़ दिया जाए बेजा कब्जा कहकर। यह दर्द वार्ड क्रमांक 33 के लोगों का है। अब वो चाहते हैं कि प्रशासन पट्टा दे दे ताकि पीएम आवास के तहत उन्हें घर मिल जाए।
जमीन के पट्टे देने की मांग की
स्थानीय निवासी बताते हैं कि वे पिछले 20 वर्षों से इस स्थान पर रह रहे हैं। यहां कई परिवारों को शासन द्वारा आवासीय पट्टे भी दिए जा चुके हैं। जबकि अनेक परिवार आज भी पट्टे से वंचित हैं। जिन्हें पट्टे नहीं मिले हैं, उन्हें हर दिन यह डर सताता है कि कहीं एक दिन उन्हें अतिक्रमण बताकर उजाड़ न दिया जाए। इसी पीड़ा और असमंजस के साथ मंगलवार 13 जनवरी को बस्ती के लोग एक बार फिर अपना रोजगार छोड़कर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जमीन के पट्टे देने की मांग की। ताकि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उन्हें पक्का मकान मिल सके।
फिर नपा ने सड़क नाली क्यों बनाई
अब प्रशासनिक स्तर पर यह तर्क सामने आ रहा है कि यह भूमि छोटे पेड़ों और घासबीड़ की श्रेणी में आती हैैै। इसलिए इसका आवासीय मद में परिवर्तन संभव नहीं है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि यह भूमि आवास योग्य नहीं थी, तो नगर पालिका ने यहां सड़क और नालियों का निर्माण किस अनुमति से किया। बिजली विभाग ने किस आधार पर यहां बिजली कनेक्शन दिए। क्या निर्माण से पहले भूमि की स्थिति की जांच नहीं की गई। जब सरकारी विभागों ने मिलकर इस क्षेत्र को पूरी तरह मानव निवास योग्य बना दियाए तो अब यहां वर्षों से बसे गरीब और मेहनतकश लोगों को केवल कागजों के फेर में पट्टों से वंचित रखना क्या न्यायसंगत है। यह मामला सिर्फ जमीन का नहीं बल्कि उन लोगों के जीवनए सुरक्षा और भविष्य का है, जो आज भी सरकार से सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि स्थायित्व और सम्मान की मांग कर रहे हैं।

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