राष्ट्रमत न्यूज,बालाघाट(ब्यूरो)। बालाघाट में डोंगरमाली,घोटी,धापेवाड़ा मार्ग पर वैनगंगा नदी पर 600 मीटर लंबा उच्चस्तरीय पुल बन रहा है। मध्यप्रदेश शासन ने 34 करोड़ 42 लाख 89 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। पुल का निर्माण कार्य 05 मार्च 2024 से प्रारंभ हो चुका है और इसके वर्ष 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है। यह पुल बालाघाट के विकास का एक नया अध्याय लिखेगा।

दो राज्यों को जोड़ेगा पुल
जिले के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है वैनगंगा नदी पर 600 मीटर लंबे उच्चस्तरीय पुल का निर्माण होना। यह पुल जिले का अब तक का सबसे लंबा पुल होगा। डोंगरमाली,घोटी,महाराष्ट्र राज्य सीमा धापेवाड़ा अंतर्राज्यीय मार्ग पर बनने वाला यह पुल दो राज्यों को जोड़ेगा। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच आवागमन को भी अधिक सुदृढ़ एवं सुगम बनाएगा। वर्षा ऋतु में वैनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता था। जिससे आम नागरिकों किसानों व्यापारियों विद्यार्थियों एवं मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अंतर्राज्यीय संपर्क टूटने से लोगों को लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता था। जिससे समय और संसाधनों की भारी हानि होती थी। उच्चस्तरीय पुल के निर्माण के बाद यह समस्या स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी और वर्ष भर निर्बाध एवं सुरक्षित यातायात संभव हो सकेगा।
आवागमन में सुधार होगा
इस पुल के बनने से वारासिवनी एवं खैरलांजी क्षेत्र के लगभग 50 ग्रामों को सुविधा होगी और उनको महाराष्ट्र के तिरोड़ा व गोदिया जाने के लिए धापेवाड़ा होते हुए एक अतिरिक्त मार्ग मिल जाएगा। इससे वारासिवनी एवं खैरलांजी की तिरोड़ा एवं गोदिया से दूरी लगभग 20 किमी कम हो जाएगी। इससे आमजन के आवागमन का समयए श्रम और अर्थ तीनों की बचत होगी। इस पुल के बन जाने से कृषि व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। किसानों को अपनी उपज समय पर मंडियों तक पहुँचाने में सुविधा होगी वहीं व्यापारिक आवागमन तेज होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं शिक्षा से जुड़े आवागमन में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।